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    यूपी के इस जिले में बनेंगे तीन नए पावर हाउस, शासन को विभाग ने भेजा प्रस्ताव

    Updated: Wed, 14 Jan 2026 12:41 PM (IST)

    फतेहपुर जिले में नए साल में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। तीन नए 132 केवी बिजली घर स्थापित किए जाएंगे, जिससे शहरी और ग ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    HighLights

    1. तीन नए 132 केवी बिजली घर स्थापित होंगे।

    2. कृषि फीडरों से किसानों को सीधी राहत मिलेगी।

    3. 2026 तक जिले की विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ होगी।

    जागरण संवाददाता, फतेहपुर। नए वर्ष में जिले की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। 132 केवी क्षमता के तीन नए बिजली घर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही कृषि फीडरों के निर्माण से किसानों को भी सीधी राहत मिलेगी।

    इन योजनाओं के पूरा होने से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में सुधार होगा। सातों धरमपुर उपकेंद्र का निर्माण कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है, नए वर्ष में आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। बहुआ इलाके की आबादी के लिए 132 केवीए क्षमता का पावर हाउस स्थापित करने के लिए शासन को विभाग ने 35 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है।

    औद्योगिक क्षेत्र चौडगरा और सौंरा को पर्याप्त बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके, इसके लिए चौडगरा में 132 ट्रांसमिशन उपकेंद्र खोलने की तैयारी तेज कर दी गई है। बिंदकी तहसील के राजस्व अधिकारियों के सहयोग से जमीन तलाशने की कवायद चल रही है।

    उधर शाखा और बंधवा में 33 केवी के उपकेंद्र की आवश्यकता को देखते हुए बिजली विभाग ने इसका खाका खींचना शुरू कर दिया है। खागा तहसील की जनता को बिजली संकट से निजात दिलाने के लिए ट्रांसमिशन स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है।

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    यहां से किशनपुर, खखरेड़ू, हथगाम, धाता, प्रेमनगर , सुल्तानपुर घोष को बिजली आपूर्ति किए जाने से मशीनों में ओवरलोड चल रहा है। विभागीय अधिकारियों को मानना है कि ट्रांसमिशन की स्थापना होने से ओवरलोड व लो-वोल्टेज जैसी समस्या से लोगों को छुटकारा मिल जाएगा।

    बिजली व्यवस्था सुधार के लिए ट्रांसफार्मरों की क्षमता भी बढ़ाई गई है। करीब 150 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं और 46 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गई है। लाइन लॉस कम करने के लिए दो हजार किमी जर्जर तार बदले गए हैं। शहरी और ग्रामीण इलाके में नौ बिजली फीडर बनाने का काम प्रगति पर है।


    सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इन योजनाओं के पूरा होने से वर्ष 2026 में जिले की विद्युत व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ हो जाएगी। ट्रांसमिशन की स्थापना होने से बिजली उपभोक्ताओं को ओवरलोड, लो-वोल्टेज और फाल्ट की समस्या से निजात मिलेगी।

                                                                             अनिल वर्मा, अधीक्षण अभियंता, बिजली विभाग