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    Fatehpur Sadar MLA Report Card: सीवर लाइन का काम शुरू, शहर को जाम से निजात दिलाने का वादा भूले

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 08:50 PM (IST)

    सदर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों और अधूरे वादों का विश्लेषण किया गया है, जिसमें सीवर लाइन परियोजना पर काम शुरू होने और अन्य प्रमुख समस्याओं के स ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. सीवर लाइन परियोजना का काम शुरू, 293 करोड़ रुपये जारी।

    2. शहर में जाम, ऑटोमैटिक सिग्नल प्रणाली का वादा अधूरा।

    3. कृषि विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज के वादे कागजों तक सीमित।

    जागरण संवाददाता, फतेहपुर। जिला मुख्यालय को समेटे सदर विधानसभा क्षेत्र में विकास की उम्मीद धूमिल बनी हुई है। चार साल के कार्यकाल जो काम हुए उसमें सपा विधायक व भाजपा नेताओं में श्रेय लेने की खींचतान मची रही। सपा विधायक चंदप्रकाश लोधी का दर्द यही रहा कि भाजपा की सरकार ने उनकी सुनी ही नहीं जा रही।

    सड़क से लेकर विधानसभा तक में वादों को पूरा करने की आवाज उठाई लेकिन उनकी अनसुनी की गई। विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ उनके वादे व कामकाज को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं हैं। आइए जानते हैं कि विधानसभा क्षेत्र की पांच प्रमुख समस्याओं व चुनाव के समय किए गये वादों की वास्तविक तस्वीर..।

    साढ़े चार लाख की आबादी वाले सदर विधानसभा क्षेत्र में शहर मुख्यालय के साथ हसवा, तेलियानी ब्लाक के डेढ़ सौ गांव शामिल हैं। मुख्यालय में 33 साल से उठ रही सीवर लाइन की मांग आखिर पूरी हो गई। 900 करोड़ की परियोजना में 293 करोड़ की धनराशि अवमुक्त होने के साथ पहले फेज का काम शुरू हो गया है। हालांकि सीवर लाइन की स्वीकृत लोकसभा चुनाव 2024 से पहले तत्कालीन सांसद साध्वी निरंजन ज्योति ने कराने का दावा किया था।

    सदर पालिका क्षेत्र की साढ़े तीन लाख की आबादी वाले मुख्यालय को अभी तक शहरी मुखौटा न मिलने का दर्द है। चुनाव के समय शहर की जाम जैसी मुख्य समस्या को दूर करने के लिए आटोमैटिक सिग्नल प्रणाली लगवाने का विकास प्राधिकरण के गठन का किया गया वादा आगे नहीं बढ़ पाया।

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    सदर विधायक का कहना है कि शासन को कई बार आटोमैटिक सिग्गल प्रणाली के लिए बजट स्वीकृत करने का लिखा लेकिन कोई जवाब नहीं आया। कृषि विश्वविद्यालय व इंजीनियरिंग कालेज की स्थापना के लिए किया गया वादा कागजों में सिमटा हुआ है। प्रदेश में सरकार भाजपा की होने का तर्क देकर विधायक कहते हैं कि इसके लिए विधानसभा तक में मांग उठाई लेकिन सुना ही नहीं गया।

    मुख्य शहर को साउथ सिटी से जोड़ने के लिए शादीपुर क्रासिंग में आरओबी न होने से लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। विधायक ने विधानसभा में इस समस्या को उठाते में आरओबी बनवाने की मांग किया था। चुनावी वर्ष में सड़क, पुलों के निर्माण के प्रस्ताव में आरओबी का शामिल कर लिया गया है। हर गांव को सड़क से जोड़कर आदर्श गांव बनाने के वादा अधूरा रह गया। विधायक बनने के बाद पूरे जोर-शोर से यह वादा किया गया था कि हर गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा और गांव में हर बुनियादी सुविधाएं देकर गांव को आदर्श बनाया जाएगा। इस वादे पर भी काम नहीं हुआ।

    ये भी जानें

    • सदर विधानसभा क्षेत्र
    • कुल मतदाता : 317252
    • पुरुष मतदाता : 170358
    • महिला मतदाता : 146890
    • थर्ड जेंडर : 04


    हर वादे पर किया पहल, निधि से दूर की समस्याएं

    विधानसभा क्षेत्र की जनता की हर समस्या को दूर करने की लिए पहल किया है, विधानसभा में आवाज उठाने के साथ शासन को पत्र भेजे लेकिन विपक्ष का होने के कारण उनकी सुनी नहीं गई। पेयजल व बिजली समस्या को लेकर वह बराबर आवाज उठाते रहे। विधायक निधि से मिली 20 करोड़ की धनराशि से शहर मे डाक बंंगले के पास यात्री प्रतीक्षालय बनवाया, लाइटें लगवाने के साथ तांबेश्वर मंदिर का भव्य गेट बनवाया। कचहरी मे फर्श, टाइल्स व शेड निर्माण, गांवों में 150 सीसी रोड का निर्माण करवाया, निधि से सड़क निर्माण के 35 कार्य और प्रस्तावित हैं। कहा कि शहर मुख्यालय में हवाई पट्टी के लिए आवंटित भूमि पर कार्गो एयरपोर्ट बनवाने की मांग रखी है, विधानसभा क्षेत्र में हजारों की संख्या में किसान मिर्च व केला की खेती करते है, कार्गो एयरपोर्ट की सुविधा मिल जाए तो किसानों को उपज का अच्छा लाभ मिलेगा और कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ जाएंगे।
    चंद्रप्रकाश लोधी, विधायक, सदर विधानसभा


    जीतने के बाद जनता से रहे दूर

    विधानसभा क्षेत्र के लिए यह पांच साल विकास से अनछुआ रहा। भाजपा का विधायक होने का लाभ क्षेेेत्र को नही मिल पाया। विकास व समस्याओं पर चुने हुए विधायक का प्रयास न होने से योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया। निधि का पैसा समस्या देखकर नहीं अपने निजी हितों को देखकर खर्च किया गया है तभी तो निधि से कराया गया विकास नहीं दिख नहीं रहा, विकास में पिछड़ने यह टीस जनता में साफ देखी जा रही है। मैं पूरे पांच साल जनता के साथ खड़ा रहा और सीवर लाइन से लेकर क्षेत्र की अन्य समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया।
    विक्रम सिंह, भाजपा प्रत्याशी


    सदर विधायक नगर पालिका के चेयरमैन भी रह चुके है इसके बाद भी शहर के समस्याओं से पूरी तरह से मुंह मोड़े रहे। जाम व वर्षा में जलभराव की समस्या से शहरी जूझ रहे हैं इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किए गये।
    केशव शरण, देवीगंज


    जीतने के बाद बहुआ कस्बा में विधायक कब आए शायद ही कोई जान पाया हो। बिजली की समस्या को लेकर कस्बे के लोग लंबे समय से परेशान हैं, धरना-प्रदर्शन के बाद भी समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है, इस पर कोई प्रयास नहीं हुए।
    योगेश तिवारी, बहुआ


    थरियांव जैसे पिछड़े क्षेत्र में जहां दशकों ने लोग कच्चे गलियारे व टूटी सड़कों से परेशान थे, वहां सड़क बनवा कर विधायक ने सजगता दिखाई है। जनता के बीच बराबर सक्रिय रहे, सरलता इतनी है कि कोई भी व्यक्ति मिलकर अपनी समस्या बता सकता है।
    गणेश मोदनवाल, थरियांव


    रोजगार व शिक्षा के क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ है। कार्यकाल के दौरान थरियांव कस्बे में कोई बड़ा कार्य नहीं हुआ। पुरानी जीटी रोड इतनी जर्जर हो गई है कि निकलना मुश्किल हो गया है, कस्बे का व्यापार भी प प्रभावित हो रहा है।
    राजन ठाकुर, रामपुर