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फतेहपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के पार, छह गांवों का संपर्क मुख्य सड़क से कटा; नाव से आवागमन

Published: Fri, 11 Sep 2026 02:24 PM (IST)

फतेहपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण छह गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क कट गया है।

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जागरण संवाददाता, फतेहपुर। गंगा के जल स्तर खतरे के निशान को पार कर गुरुवार की शाम 101.08 मीटर में है। गंगा के जल स्तर में हुई बढ़ोतरी से पानी चारों ओर खेतों में फैलाव के साथ गांव तक पहुंच चुका है। बाढ़ का पानी छह गांव के आसपास भरने से मुख्य सड़क से इन गांव का संपर्क कट गया है।

जल स्तर बढ़ने की स्थित को देखते हुए आपदा प्रबंधन अधिकारी व नायब तहसीलदार ने प्रभावित गांव का दौरा किया है। मवेशियों के समस्या को देखते हुए पशु पालकों को पशुओं को सूख और सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की सलाह दी है।

गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही पांडु नदी भी उफान पर है। दोनों नदियों का जल स्तर बढ़ रहा है। इसके साथ ही पानी का फैलाव खेतों में हो रहा है। गंगा कटरी के गांव बिंदकी फारम, सदनहा, मदारपुर, शंकर डेरा के अलावा बेरीनारी व राम घाट पूरी तरह से पानी से घिर चुके हैं।

इन गांवों का संपर्क अब मुख्य मार्गों से पूरी तरह से कट गया है। गांव के बाहर तीन से चार फीट ऊंचाई तक पानी भरा हुआ है। अब इन गांव के ऊंचाई वाले खेतों में भी पानी का पहुंचना शुरू हो गया है। इसके अलावा गलाथा व कौड़िया गांव के खेतों में भी पानी भर रहा है।

गंगा में खतरे का निशान 100.86 मीटर पर दर्ज है, गुरुवार की शाम चार बजे आई रिपोर्ट में गंगा का जल स्तर 100.08 मीटर दर्ज किया गया है। बाढ़ से घिरे गांव का नायब तहसीलदार अमरेश सिंह, आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने दौरा किया।

गांव में मवेशियों को बांधने के संकट को देखते हुए पंचायत भवन आशापुर व बाढ़ चौकी महुआ घाट पर ले जाने की सलाह दी है अधिकारियों ने कहाकि बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों से कहाकि गांव छोड़कर अगर लोग बाढ़ चौकी पहुंचेंगे तो वहां पर मिलने वाली सभी सुविधाएं मिलेंगी।

गांव के किनारे दिख रहे दो मगरमच्छ, दहशत में लोग

औंग : गलाथा गांव के आसपास दो मगरमच्छ पिछले चार दिनों से देखे जा रहे हैं। इससे पहले एक मगरमच्छ बस्ती तक पहुंच गया था। सूचना पर वन विभाग की टीम आई थी। गांव के राजू चौहान व वीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि मगरमच्छ को पकड़ कर नदी में छोड़ा जाए। नहीं तो बाढ़ के समय किसी को यह नुकसान पहुंचा सकता है।

आज से सक्रिय हो जाएंगी दो बाढ़ चौकियां, खाली कराए जा सकते गांव

बिंदकी : गंगा कटरी में लगातार पानी के फैलाव को देखते हुए शुक्रवार की सुबह दो बाढ़ चौकियां पूरी तरह से काम करने लगेंगी। जिला आपदा विशेषज्ञ कृष्ण तिवारी ने बताया कि आशापुर व अभयपुर पंचायत भवन में 50-50 लोगों के ठहरने की व्यवस्था कराई जा रही है। यहां पर मेडिकल के अलावा पशु चिकित्सा विभाग व ग्राम पंचायत की टीमें मौजूद रहेंगी।

गांव के हालात पर नजर रखी जा रही है। अनुमान है कि गुरुवार को जिस रफ्तार से पानी बढ़ा है इसी रफ्तार से शुक्रवार की सुबह तक बढ़ा तो गांव प्रभावित गांव के अंदर बस्ती में पानी घुसना शुरू हो जाएगा। इस स्थिति से निपटने के लिए तैयारी की जा चुकी है। रिजर्व की नाव के नाविकों को भी सतर्क कर दिया गया है। किसी भी आपात स्थित से निपटने के लिए वह तैयार हैं।

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