विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

फतेहपुर में भीषण विस्फोट, पटाखा व्यवसायी का दो मंजिला मकान ढहा, 7 लोग दबे, बेटे व भतीजों समेत 5 की मौत

Published: Mon, 28 Sep 2026 06:20 PM (IST)Updated: Tue, 29 Sep 2026 12:51 AM (IST)

फतेहपुर के मलवां कस्बे में रसोई गैस सिलेंडर फटने से एक दो मंजिला मकान ढह गया, जिसमें 7 लोग दब ...और पढ़ें

HighLights

  1. लीकेज पाइप से चार सिलिंडरों में विस्फोट, तीन पड़ोसियों के घरों की दीवार ढही

  2. दीपावली में पटाखा की दुकान लगाते थे, एसपी ने एसडीआरएफ टीम बुलाई गई

  3.  गृहस्वामिनी बोली, छत पर खेल रहे थे बच्चे, वह पुत्री व देवरानी संग बाहर भागी

संवाद सूत्र, मलवां (फतेहपुर)।  कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर स्थित मलवां कस्बे में सोमवार शाम तेज विस्फोट के बाद पटाखा व फल विक्रेता सुरेश गुप्ता के घर की पहली मंजिल की छत और दीवारें भरभराकर गिर गई। हादसे के दौरान छत पर मौजूद रहे व्यापारी के बेटे व चार भतीजों समेत पांच लोगों की मौत हुई है। व्यापारी के भाई की पत्नी भर्ती है।

विस्फोट इतना तेज था कि पड़ोस के तीन घर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। 500 मीटर दायरे में मौजूद लोगों के कान सुन्न हो गए। काफी देर धुएं का गुबार छाया रहा। व्यापारी की पत्नी ने बताया है कि वह खाना बना रही थीं। उसी समय सिलिंडर से चूल्हे के लिए लगे पाइप में आग लग गई। आग सिलिंडर तक पहुंची, जिसकी वजह से विस्फोट हुआ। इस बीच बारूद से भी विस्फोट की चर्चा रही।

gas cylinder explosion in fatehpur

 

हालांकि मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) जसवीर सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में सिलिंडर से विस्फोट की बात सामने आई है। बारूद की पुष्टि नहीं हो सकी है। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि फोरेसिंक टीम ने जांच की है। 

 

gas cylinder explosion in fatehpur  (3)

मतृक अर्पित। 

पटाखा व्यवसायी के साथ फल विक्रेता भी

सुरेश कुमार उर्फ धुन्नर फल विक्रेता हैं और दीपावली पर पटाखे की दुकान भी लगाते हैं। आशंका है कि घर में पटाखे डंप थे। गैस लीकेज के बाद आग लगी होगी, लेकिन उसके पटाखों तक पहुंचने से तेज विस्फोट हो गया होगा। सुरेश सोमवार शाम वह हाईवे स्थित अपनी दुकान पर थे। वहां से 300 मीटर दूर स्थित घर में शाम पांच बजे उनकी 50 वर्षीय पत्नी उमा, छोटे भाई की पत्नी 40 वर्षीय पूजा देवी व 18 वर्षीय बेटी लक्ष्मी देवी खाना बना रही थीं। 

gas cylinder explosion in fatehpur  (2)

मृतक कुनाल। 

दो सिलिंडर भरे व दो खाली रखे थे रसोई में

दूसरी मंजिल में सुरेश का 18 वर्षीय पुत्र कुनाल था। साथ में उनके भाई स्व. रोहित का 15 वर्षीय बेटा अर्पित व आठ वर्षीय वेद, दूसरे भाई पन्नालाल का बेटा 25 वर्षीय आलोक व एक अन्य भाई गुड्डन का सात साल का बेटा यश उर्फ टुकटुक भी थे। उमा देवी के अनुसार रसोई घर में दो खाली व दो भरे सिलिंडर रखे थे। एक में वह खाना बना रही थीं। 

gas cylinder explosion in fatehpur  (1)

मृतक वेद।

ग्रामीणों की मदद से दबे लोगों को निकाला गया

इसी दौरान पाइप में आग लगी तो वह देवरानी और बेटी के साथ शोर मचाते बाहर भागीं। छत के कमरे में मौजूद बच्चों को भागने के लिए कहा, लेकिन इसी बीच विस्फोट हो गया। मलबे में दबे पांच लोग बाहर निकालकर मेडिकल कालेज अस्पताल भेजे गए। डाक्टरों ने यश, वेद, अर्पित व कुनाल को मृत घोषित कर दिया।

gas cylinder explosion in fatehpur

मृतक यश। 

90 प्रतिशत झुलसे आलोक ने भी रात में तोड़ा दम

90 प्रतिशत झुलसे आलोक ने देर रात दम तोड़ दिया। घटना के बाद सुरेश की तबीयत बिगड़ गई, उन्हें भी भर्ती कराया गया है। मलबा हटाने का काम रात में भी चलता रहा। मदद के लिए एसडीआरएफ भी बुलाई गई है।

gas cylinder explosion in fatehpur

 

पड़ोसी बोले, सिलिंडर फटा

विस्फोट से फल विक्रेता के पड़ोसी अशोक सिंह के मकान की दीवाल ढह गई और टिनशेड उखड़कर दूर जा गिरी।इसी तरह दीपक कुमार द्विवेदी समेत दो ग्रामीणों के घर क्षतिग्रस्त हो गया और दीवाल ढह ई। इनका कहना था कि सिलिंडर विस्फोट से ही इतना बड़ा हादसा हुआ है।

 

gas cylinder explosion in fatehpur

 

मृतकों के स्वजन और घायलों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर शोक जताया है। इसके साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने मृतकों के स्वजन को 2-2 लाख रुपये व घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद के निर्देश भी दिए हैं।

 

gas cylinder explosion in fatehpur  

पटाखा बारूद या फिर सिलिंडर से हुआ विस्फोट

फोरेंसिक व दमकल टीम जांच कर रही है कि आखिर विस्फोट किससे हुआ है...सिलिंडर या फिर बारूद से। हालांकि दमकल टीम बारूद विस्फोट से इन्कार कर रहा है। उधर, ग्रामीणों में चर्चा है कि सिलिंडर से इतना बड़ा विस्फोट नहीं हो सकता कि दो मंजिला मकान जमींदोज हो जाए और आसपास के घर तक हिल जाएं। वह दबी जुबान में बारूद से विस्फोट होना बता रहे हैं। आबादी के बीच इतने बड़े विस्फोट से ग्रामीण दहशतजदा हैं।

सीएफओ बोले, बारूद से विस्फोट नहीं

मुख्य अग्निशमन अधिकारी जसवीर सिंह ने बताया कि मलवां में हुए विस्फोट में अभी तक की प्राथमिक जांच में ये बात सामने आई है कि रसोई गैस सिलिंडर से ही विस्फोट हुआ है। अभी तक पटाखा बारूद से विस्फोट की बात सामने नहीं आई है फिर भी अभी फोरेंसिक टीम के साथ जांच की जा रही है। 

gas cylinder explosion in fatehpur

आधा किलोमीटर तक गूंजा धमाका, धुआं व धूल के गुबार से छाया अंधेरा

मलवां कस्बे में हुए विस्फोट की आवाज इतनी भयंकर थी कि पांच सौ मीटर तक आसपास रहने वाले लोगों के कान सुन्न पड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहाकि ऐसा लगा कि हेलीकाप्टर क्रैश हुआ या बम फट गया। दस मिनट तक तो कुछ सूझा ही नहीं चारों ओर धूल का गुबार और धुआं जैसा छा गया। मकान का मलबा दूर तक तक बिखर गया। आसपास के घरों के घरों में रहने वाले बच्चे और महिलाएं दहशत के कारण देर रात तक अपने घरों के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी।

gas cylinder explosion in fatehpur

हृदय विदारक हादसे से रोते-बिलखते स्वजन । स्रोत प्रेट

गांव में मची भगदड़ घरों से निकल कर भागे लोग

कस्बा मलवां के रहने वाले सुरेश कुमार गुप्ता के मकान के प्रथम तल पर बने कमरा सोमवार की शाम विस्फोट से उड़ गया। शाम का समय होने के कारण अधिकांश लोग काम से घरों को लौट चुके थे। किसी घर पर महिलाएं खाना बनाने की तैयारी कर रही थी, तो किसी ने रसोई में खाना बनाना शुरू कर दिया था। तभी विस्फोट की आवाज सभी के कानों में ऐसी गूंजी कि जो जहां पर था वह घर से बाहर सब कुछ छोड़कर भागा।

gas cylinder explosion in fatehpur

मलवां कस्बे के विस्फोट के बाद क्षतिग्रस्त मकान । जागरण 

लोगों न कहा लगा हमारा ही घर उड़ गया

पड़ोसी ने बताया विस्फोट के दौरान वह परचून की दुकान पर बैठे थे। तेज धमाका सुना तो कान सन्न हो गए। कुछ ही देर में घर से बच्चों ने बताया कि मकान कि विस्फोट से मकान की छत ढह गई है। कई लोग दब गए हैं। ज्ञान सिंह ने कहाकि धमाके की आवाज सुनकर घर के बाहर आए तो धूल व धुएं का जैसा गुबार चारों ओर छाया था। दस मिनट तक समझ ही नहीं आया कि विस्फोट पड़ोस में हुआ है या हमारा खुद का मकान का उड़ गया है।


पुलिस ने विस्फोट के बाद मकान को घेरे में लिया

विस्फोट के बाद पहुंची पुलिस व फायर ब्रिगेड की टीम ने बचाव एवं राहत काम पूरा होने के बाद प्रथम तल पड़े मलबे में अन्य लोगों की दबे होने की आशंका पर तलाश करते रहे। हालांकि छत का भारी मलबा पड़ा होने के कारण पुलिस कुछ कर नहीं पा रही थी। जहां पर से कुछ दराज दिख रही थी, उसी से देखने की कोशिश हो रही थी। पुलिस ने पूरे मकान को पट्टिका लगाकर लोगों का आना जाना रोक दिया। और मलबा हटाने के लिए बुलडोजर व ट्रैक्टर बुला पहुंची गई थी।

चार जिंदगियां काल के गाल में समा गईं

पटाखा या फिर बारूद की वजह से भीषण विस्फोट हुआ या फिर गैस सिलिंडर फटने से चार जिंदगियां काल के गाल में समा गईं। स्वजन की मानें तो दूसरी मंजिल में बच्चे टीवी देख रहे थे लेकिन यह बात किसी को हजम नहीं हो रही है कि गैस सिलिंडर फटने से पहली मंजिल (ग्राउंड फ्लोर) का कोई हिस्सा क्षतिग्रस्त नहीं हुआ और दूसरी मंजिल (फर्स्ट फ्लोर) जमींदोज हो गई।

आखिर दूसरी मंजिल में क्या कर रहे थे बच्चे

मुहल्ले के लोगों व स्वजन ने बताया कि दूसरी मंजिल में 24 वर्षीय आलोक के साथ यश गुप्ता उर्फ टुक्कू, वेद, अर्पित व कुनाल टीवी देख रहे थे। तभी भीषण हादसा हो गया और आलोक को छोड़कर सभी चार बच्चे काल के गाल में समा गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया कि विस्फोट इतना भयानक था कि आसपास की इमारतें हिल गईं। इस मकान से जुड़े घर भी क्षतिग्रस्त हो गए। गली के उस पार की भी कई इमारतें हिल गईं। गंभीर रूप से घायल हुए आलोक का उपचार मेडिकल कॉलेज में चल रहा है लेकिन अब भी वह होश में नहीं आया।

एक मिनट के धमाके पर मिट गया परिवार

हादसे का कारण कुछ ही रहा हो लेकिन एक मिनट के धमाके ने सुरेश परिवार की सारी खुशियां छिन गई। स्व. मोतीलाल के चार बेटों का परिवार दो मंजिला मकान में रहता है। सोमवार की शाम सवा पांच बजे हुए धमाके से आसपास सैकड़ों परिवार सहम गए। हालात व तेज धमाका देख लोग यही कहते रहे कि लगता है घर में दूसरी मंजिल के कमरे में बारूद की सामाग्री डंप थी।

 

यह भी पढ़ें- नियति का यह कैसा खेल... दो बच्चों की मौत के बाद बुझ गया अंतिम चिराग, एक जैसे दर्द ने ली तीनों की जान

यह भी पढ़ें- फतेहपुर में 29 साल बाद इंसाफ; सिपाही की हत्या करने वाले दस्यु गिरोह के 3 डकैतों को उम्रकैद, 8 पुलिसकर्मी हुए थे घायल