UP Cabinet Expansion: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मंत्री पद तक: जानें खागा विधायक कृष्णा के संघर्ष और जीत की हैट्रिक की कहानी
खागा विधायक कृष्णा पासवान का आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मंत्री पद तक का सफर तय हो सकता है। उनकी राजनीतिक यात्रा और फतेहपुर व कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में ...और पढ़ें

विधायक कृष्णा पासवान। जागरण अर्काइव
HighLights
फतेहपुर जनपद के मलवा ब्लाक अंतर्गत पिलखिनी गांव की रहने वाली हैं विधायक कृष्णा पासवान
हसवा ब्लाक के गोपालपुर कुसुंभी गांव में उनकी ससुराल है, राजनीति से पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं
जागरण संवाददाता, खागा(फतेहपुर)। खागा से विधायक कृष्णा पासवान जो कभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। अब उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री बनने की प्रबल दावेदार हैं। लगातार तीन बार चुनाव जीतकर हैट्रिक लगाने वाली कृष्णा पासवान के मंत्री बनने से फतेहपुर और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में भाजपा का दलित समीकरण मजबूत होगा और महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा।
खागा विधायक कृष्णा पासवान का जन्म एक अगस्त 1963 में फतेहपुर जनपद के मलवा ब्लाक अंतर्गत पिलखिनी गांव में हुआ था। खागा विधायक 10वीं पास हैं, और कृषि कार्य से जुड़ी हैं। हसवा ब्लाक के गोपालपुर कुसुंभी गांव में उनकी ससुराल है। राजनीति में उतरने से पहले कृष्णा पासवान आंगबाड़ी कार्यकर्ता रहीं।
मंडल अध्यक्ष से राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वालीं खागा विधायक कृष्णा पासवान जिला पंचायत सदस्य, जिलाध्यक्ष, महिला मोर्चा में राष्ट्रीय मंत्री, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की क्षेत्रीय संयोजक, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व बाल विकास महिला समिति में सभापति का दायित्व निभा चुकी हैं।
कृष्णा पहली बार 2002 में किशनपुर सुरक्षित सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं थीं। 2012 में परिसीमन के बाद खागा सीट के सुरक्षित घोषित होने पर कृष्णा ने यहां से लगातार तीन बार जीत दर्ज की। 2012, 2017 तथा 2022 में हैट्रिक लगाने वालीं कृष्णा पासवान, वर्तमान में खागा विधान सभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। जीत की हैट्रिक लगाने वाली वह चुनिंदा विधायकों में से एक हैं।
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2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को करीब 5500 वोटों के अंतर से हराया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा की महिला एवं बाल विकास संबंधी संयुक्त समिति की सभापति भी हैं।
कृष्णा पासवान के मंत्री बनने से भाजपा को फतेहपुर समेत कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में अनुसूचित जाति के वोट बैंक को और मजबूती मिलेगी। जनपद को जहां मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलेगा, वहीं क्षेत्र के विकास, भ्रष्टाचार मुक्त कार्य व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण पर पार्टी को मजबूत संदेश देने का मौका मिलेगा।