बाबा नीम करौली के पैतृक घर पर कब्जे का विवाद, नातिनों ने हनुमान ट्रस्ट के खिलाफ खोला मोर्चा
टूंडला के अकबरपुर गांव में पर्यटन विकास के बाद बाबा नीम करौली के पैतृक घर पर कब्जे का विवाद गहरा ...और पढ़ें

टूंडला में बाबा नीम करौली की पैतृक जन्मस्थली।
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। टूंडला के गांव अकबरपुर में पर्यटन विकास के कार्य होते ही बाबा नीम करौली की जन्मस्थली पर कब्जे का विवाद गहरा गया है। बाबा की छह नातिनों ने मकान नंबर 154 ‘व’ पर हनुमान ट्रस्ट द्वारा कब्जा करने का आरोप लगाया है। बाबा इसी मकान में रहते थे। इस यहां दो कमरों में बाबा और उनकी पत्नी की पूजा स्थली बनी है। कई कमरे भी हैं, जिनमें पुजारी रहते हैं।
बाबा नीम करौली के दो बेटे थे। बड़े बेटे अनके सिंह शर्मा के एक बेटा और एक बेटी है। वहीं छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा छह बेटियां हैं। इन बेटियों की ओर से ही डीएम संतोष कुमार शर्मा को एक शिकायती पत्र दिया गया है। जिसमें बाबा के घर पर ट्रस्ट द्वारा कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कब्जा हटवाने के साथ ही घर को ट्रस्ट से बाहर रखने की मांग की है।

टूंडला के आश्रम में स्थित बाबा का कमरा।
ये घर गांव में बने बाबा नीम करौली के प्रसिद्ध मंदिर के पास ही है। बाबा के स्वजन जब भी गांव आते हैं तो इसी घर में ठहरते हैं। ट्रस्ट का दखल बढ़ने के बाद उन्हेे यहां रुकने में परेशानी होती है। वैसे ट्रस्ट को लेकर विवाद पहले से चल रहा है। जिसके कारण विकास कार्य होने में काफी परेशानी हो रही थी। इसलिए प्रशासन ने दोनों पक्षों को कुछ समय के लिए शांत रहने के लिए कहा था।
अब फिर से बाबा की छह नातिनों सुनीता शर्मा, अर्चना शर्मा, वंदना शर्मा, भावना रावत, रितु तिवारी और रिचा रावत ने डीएम को पत्र लिखकर इसे तूल दे दिया है। डीएम का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
कैंचीधाम आश्रम
बाबा नीम करौली का एक आश्रम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भी है। कैंची धाम आश्रम की स्थापना बाबा नीम करौली के द्वारा की गई है। इस आश्रम में रोजाना अधिक संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। किसी खास पर्व के दौरान यहां पर अधिक रौनक देखने को मिलती है। ऐसा बताया जाता है कि बाबा नीम करौली ने कैंची धाम आश्रम में अधिक जीवन बिताया है।
