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    फिरोजाबाद में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में देरी पर बड़ा एक्शन, लिपिक निलंबित; सभी कर्मचारी हटाए गए

    By Vimal Kumar Kulshrestha Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Sat, 18 Jul 2026 10:51 PM (IST)

    फिरोजाबाद में नगर आयुक्त ने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र कार्यालय का निरीक्षण कर कार्य में लापरवाही पर एक लिपिक को निलंबित किया। सभी कर्मचारियों और कंप्यूटर ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। नगर आयुक्त ने शनिवार को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र कार्यालय में लंबित आवेदन पत्रों की दो घंटे तक जांच की। इस दौरान कार्य में लापरवाही पाए जाने पर लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही कार्यालय में तैनात सभी कर्मचारियों के साथ कंप्यूटर आपरेटरों को हटाने के आदेश दिए। जिससे दोपहर तक अधिकारी, कर्मचारियों में अफरातफरी मची रही।

    दैनिक जागरण द्वारा इस समस्या को लेकर कई दिन खबरें प्रकाशित की गई थीं। नए सत्र में स्कूलों की दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। बच्चों का प्रवेश कराने के लिए लोगों को जन्म प्रमाणपत्र की आवश्यकता है। नगर निगम में आवेदन करने के छह-छह माह बाद भी प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। भीषण गर्मी में सुबह से शाम तक प्रमाणपत्र पाने वालों की नगर निगम के गेट पर कतार लगी रहती है

    जागरण द्वारा जन्म-मृत्यु में देरी को लेकर निरंतर मुद्दा उठाया है। एक जुलाई को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में होने में देरी, 1200 लोगों के काम रुके शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई। इसके बाद भी कई खबरें प्रकाशित कीं। नगर आयुक्त प्रशांत नागर मामले की गंभीरता को देखते हुए सुबह 11 बजे कार्यालय का अचानक निरीक्षण करने पहुंचे।

    उन्होंने बताया कि एक अप्रैल से पहले के 1200 आवेदन सदर तहसील और एक वर्ष से पहले के 110 आवेदन सीएमओ कार्यालय में लंबित होने की जानकारी सामने आई है। इन्हें निस्तारित कराने के लिए जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र कार्यालय से प्रयास नहीं किए गए। वहीं कार्यालय में बड़ी संख्या में जनवरी से पहले लंबित पाए गए

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    इसके अलावा 500 आवेदन सदर तहसील भेजने के लिए तैयार रखे मिले, जिनको अनावश्यक रूप से यहां रोक कर रखा हुआ था। इस मामले में जानकारी करने पर लिपिक, कर्मचारी और कंप्यूटर आपरेटर कोई उचित जवाब नहीं दे सके। इस पर बाबू और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्य में लापरवाही पर लिपिक अनिल भास्कर को तत्काल निलंबित कर दिया है।

    सहायक नगर आयुक्त आरपी सिंह को जांच अधिकारी नामित करते हुए 15 दिन में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अपर नगर आयुक्त अजय कुमार, सहायक नगर आयुक्त निहाल चंद्र, आरपी सिंह आदि उपस्थित रहे।

    ये कर्मचारी और आपरेटर हटाए गए

    सफाई नायक कृष्ण पाल सिंह को वार्ड 42 में इसी पद पर, सफाई नायक नसीम अहमद, सफाई कर्मचारी गुलाब सिंह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी साबिर को मूल विभाग के लिए कार्य मुक्त किया गया। पत्रवाहक आकाश वर्धन को मुख्य कार्यालय, प्राइवेट कंप्यूटर आपरेटर शशांक पाठक को निर्माण, मोहम्मद आमिर संपत्ति विभाग, इंद्रेश कुमार कार्यशाला, आलोक बाबू को डूडा विभाग भेजा गया

    इनके स्थान पर लिपिक कृष्णा यादव, कार्यवाहक सफाई नायक नसीम अहमद, सफाई कर्मचारी विवेक कुमार, कंप्यूटर आपरेटर अभिषेक यादव, रोहित कुशवाहा, रजनेश बघेल और वकास अहमद को तैनात किया है।

    नई तकनीकी से रिकार्ड तैयार करने के निर्देश, जल्द तैयार होगा पोर्टल

    नगर आयुक्त ने बताया कि कार्यालय में इस प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई है, जिससे आवेदन किस स्तर पर लंबित है, इसकी आसानी से जानकारी मिल सके। लंबित आवेदनों को खोजने में अधिक समय लगने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नई तकनीकी का प्रयोग करते हुए पूरे रिकार्ड को तैयार कराएं, जिससे लोगों को आसानी से यह पता चल सके कि आवेदन किस स्तर पर लंबित है। इसके साथ एक नया पोर्टल तैयार कराया जा रहा है, जिससे जन्म-मृत्यु की व्यवस्था में जल्द सुधार होगा।