पैक्ड आटा से कर लें तौबा, बिक रहा पत्थर का चूरा मिलाकर; मुनाफा कमाने के लिए माफिया कर रहे सेहत से खिलवाड़
फिरोजाबाद के टूंडला में पैक्ड आटे में पत्थर का चूरा मिलाने का खुलासा हुआ है, जिससे कैंसर, किडनी और लीवर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा है। एसडीएम ने माम ...और पढ़ें

पत्थर के चूरे के साथ पीसा जा रहा गेहूं।
संवाद सूत्र, टूंडला (फिरोजाबाद)। यदि आप बाजार से खरीदे गए पैकिंग वाले आटे की रोटियां खा रहे हैं तो सावधान हो जाएं। टूंडला में गेहूं के आटे में पत्थर पीस कर मिलाने की बात कही जा रही है। यदि ऐसा है तो आप इस तरह के आटे के प्रयोग से कैंसर या अन्य बीमारियों के मरीज हो सकते हैं। आटे में पत्थर का चूरा मिलाने का वीडियो सोमवार दोपहर सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है।
वीडियो में मिलावट करने वाले गेहूं के साथ सफेद पत्थर का चूरा मिलाते दिखाई दे रहे हैं। आटे में इसकी मात्रा 10 प्रतिशत तक रखी जा रही है। वीडियो में आटा बेचने वाले इस बात को स्वीकार करते सुनाई दे रहे हैं कि पत्थर मिले आटे को खाने से किडनी खराब हो सकती है और गंभीर बीमारियां लग सकती हैं। मिलावट कुछ इस प्रकार से की जाती है कि आसानी से आमजन नहीं पकड़ पाते।
वीडियो में दो आटा चक्की संचालक यह कह रहे हैं कि मिलावट का धंधा वह विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते करते हैं। हालांकि जागरण प्रसारित वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
फिजीशियन डा. संजय वर्मा ने बताया कि आटे में सेलखड़ी (चाॅक या पत्थर का पाउडर) मिलाकर खाने से गंभीर बीमारियां होती हैं। इससे मुख्य रूप से लीवर खराब होना, किडनी और आंतों में समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
इस बारे में जानकारी करने पर एसडीएम दिव्या सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने तहसीलदार के नेतृत्व में टीम बनाकर जांच करने और मिलावट करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सेलखड़ी का चूना मिलाते हैं आटे में
वीडियो में पाउडर का नाम सनसिल्क, सेलखड़ी का चूना बताया जा रहा है। इस पत्थर की मिलावट से रोटी के स्वाद में कोई फर्क नहीं आने की बात भी स्वीकारी जा रही है। एक किलो आटे पर 70 से 80 पैसे का मुनाफा हो जाता है। यानी एक क्विंटल आटे पर सीधे 100 रुपये का लाभ होता है।