Kanwar Yatra 2026: मासूम कंधों पर कांवड़, होंठों पर ''बोल बम'' के जयकारे; मंजिल की ओर बढ़ रहे नन्हें कदम
नन्हे कांवड़िए पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ सावन में शिवभक्ति की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। गाजियाबाद के का ...और पढ़ें
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मेरठ रोड कांवड़ मार्ग पर गंगाजल लेकर चार साल के बच्चे शिवम के साथ आते माता-पिता। जागरण
HighLights
नन्हे कांवड़िए उत्साह और श्रद्धा से कांवड़ यात्रा में शामिल।
बच्चों की भक्ति नई पीढ़ी तक पहुंचा रही शिव परंपरा।
गाजियाबाद मार्ग पर दिखे भक्ति के अनूठे रंग।
दीपा शर्मा, गाजियाबाद। कंधों पर छोटी-छोटी कांवड़, माथे पर तिलक और मुख पर ''हर-हर महादेव'' और बोल बम का जयघोष... नन्हें नन्हें कदम लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
सावन में नन्हे कांवड़ियों का यह मनमोहक दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बच्चों का उत्साह बता रहा है कि शिवभक्ति की परंपरा नई पीढ़ी तक पूरी श्रद्धा के साथ पहुंच रही है।
कांवड़ मार्ग पर भक्ति की राह में उम्र की दिव्यांगता और स्वास्थ्य स्थिति भी बाधा नहीं बन रही है। बुजुर्गों से लेकर सावन की शिवभक्ति में इस बार नन्हे कदम भी पीछे नहीं हैं। रंग-बिरंगी कांवड़ कंधों पर उठाए छोटे-छोटे बच्चे पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ बोल बम के जयघोष करते हुए शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं।

बृहस्पतिवार को कांवड़ मार्ग पर 15 वर्षीय हर्षित और आनंद भोलेनाथ से सफल स्टार्टअप की कामना के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर आ रहे हैं। दोनों कामर्स कक्षा 11वीं के छात्र हैं।
दिल्ली के चांदनी चौक की रहने वाली पांच साल की माही अपने परिवार संग कांवड़ यात्रा करती हुई मिली। कांवड़ मार्ग गंतव्य की ओर बढ़ रही माही के चेहरे पर कोई थकान या समस्या दिखाई नहीं दे रही है।
परिजनों का कहना है कि वह पिछले दो साल से कांवड़ ला रही है। उसने खुद ही परिवार संग जाकर कांवड़ लाने की जिद की थी। इसके अलावा 11 वर्षीय बच्चा अकेले ही कांवड़ लाते हुए दिखा। छोटी सी कांवड़ कंधे पर रखकर वह यात्रा कर रहा था।
मां पिता संग कांवड़ यात्रा कर रहा चार साल का शिवम
दिल्ली के छतरपुर का रहने वाला शिवम अपने पिता राकेश और अनिता के साथ कांवड़ यात्रा कर रहा है। हालांकि जब तेज वर्षा होती है तो उसको छोटी सी साइकिल पर बैठा लेते हैं। जिसपर ऊपर से वर्षा से बचाव के लिए छतरी बनाकर लगाई हुई है।
माता-पिता का कहना है कि वर्षा में ज्यादा भीगने से बच्चे के बीमार होने का डर रहता है तो उसका वर्षा से बचाव करना पड़ता है।

कांवड़ मार्ग पर दिखे भक्ति के अनूठे रंग
कांवड़ मार्ग पर भोले की भक्ति में भक्तों के अनूठे रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई भूत बनकर भोले की बारात में शामिल हुआ तो किसी ने शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप को ही कंधे पर सवार कर लिया।
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इसके अलावा भक्त झूला कांवड़ लाते हुए दिखे। सामान्य कांवड़ लाने वाले कांवड़ियों की संख्या भी बृहस्पतिवार को काफी ज्यादा बढ़ गई। इसके अलावा कांवड़ झांकी और मोडिफाइड ट्रैक्टर के साथ भी भक्त जल लाते हुए दिखे।