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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सुबह को लगातार हो रहे सिर दर्द को नजरअंदाज न करें: डा. अतुल गुप्ता

    By JagranEdited By:
    Updated: Thu, 07 Jul 2022 08:43 PM (IST)

    जागरण संवाददाता गाजियाबाद यदि सुबह के समय लगातार किसी भी व्यक्ति को सिर दर्द होता है तो उ ...और पढ़ें

    सुबह को लगातार हो रहे सिर दर्द को नजरअंदाज न करें: डा. अतुल गुप्ता
    सुबह को लगातार हो रहे सिर दर्द को नजरअंदाज न करें: डा. अतुल गुप्ता

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : यदि सुबह के समय लगातार किसी भी व्यक्ति को सिर दर्द होता है तो उसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। यह सिर दर्द किसी गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत न्यूरो सर्जन अथवा न्यूरो फिजिशियन से परामर्श ली जाए। बृहस्पतिवार को मणिपाल हास्पिटल में आयोजित हेलो जागरण कार्यक्रम में अनुभवी न्यूरो सर्जन डा.अतुल गुप्ता ने लोगों के सवालों का जवाब देते हुए सलाह दी कि सही दिनचर्या से अनेक बीमारियों से बचाव संभव है। सुबह को सही समय पर नाश्ता करना, दोपहर को संतुलित लंच करना और रात को सुपाच्य भोजन करने के बाद टहलना बहुत जरूरी है। रात को कम से कम सात घंटे की नींद लेने से शरीर और मस्तिष्क स्वस्थ रहता है। सुबह और शाम को योग करना अनिवार्य है। जीवन शैली को समय और मौसम के हिसाब से बदलना भी जरूरी। न्यूरो सर्जन डा. निकुंज मित्तल ने लोगों को सलाह दी है कि बाजार का खाना कतई नहीं खाना चाहिए। जंक फूड का सेवन करना बीमारियों को दावत देना हैं। रक्तचाप, शुगर, विटामिन और कोलेस्ट्राल को नियंत्रित रखने के लिए दवा के साथ व्यायाम करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि समय पर उचित सलाह न मिलने से मस्तिष्क संबंधी रोग बढ़ने लगता है। समय पर सलाह एवं इलाज मिलने पर इसे ठीक किया जा सकता है। दोपहर एक बजे से दो बजे तक अनेक बच्चे, युवा, महिला और बुजुर्गों ने फोन करके अपनी बीमारी के बारे में सलाह ली। चिकित्सकों ने हेड ट्रामा, ब्रेन ट्यूमर, दिमाग में पानी भरना, रीड की हड्डी एवं मस्तिष्क के ट्यूमर, स्पाइनल फैक्चर, मिर्गी का दौरा, ब्रेन स्ट्रोक, कमर दर्द, गर्दन दर्द, सिर दर्द के बारे में संबंधित मरीजों एवं स्वजन को निश्शुल्क परामर्श दी।

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    सवाल: डाक्टर साहब मेरी बायीं आंख में पानी आता है। बुखार रहता है। हाथ पैर सुन्न हो जाते हैं। चलते समय थकान और कमजोरी महसूस होती है। हीमोग्लोबिन कम हैं।

    - साधना, सुदामापुरी जवाब : शरीर में कमजोरी की वजह से भी आंखों में पानी आने लगता है। थायरायड और मधुमेह की जांच कराना जरूरी है। होमोग्लोबिन कम होने से भी थकान होने लगती है। इसके लिए चुकंदर और गाजर का सेवन करना चाहिए। ताजे फल और सब्जियां खाने से तन और मन स्वस्थ रहता है।

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    सवाल: डाक्टर साहब मैं डिप्रेशन में रहती हूं। सोचती हूं कि अब कुछ नहीं बचा है। जीने का मन नहीं करता है। मस्तिष्क में तरह-तरह के ख्याल आते हैं। कुछ सलाह दीजिए।

    - उर्मिला गोयल, साहिबाबाद जवाब: वैसे तो ये लक्षण मानसिक कमजोरी के हैं और मनोचिकित्सक से इस संबंध में राय लेना बेहतर होगा लेकिन फिर भी सुझाव है कि सुबह से लेकर रात तक बेहतर खानपान, बेहतर सोच, कुछ शारीरिक मेहनत और व्यायाम करने से लाभ होगा। भरपूर नींद लें और अधिक सोचना बंद कर दें।

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    सवाल: डाक्टर साहब दाहिने कान में दर्द रहता है। चक्कर भी आते हैं। मोबाइल से बात करते समय दरवाजे से टकराने पर एक साल पहले माथे में चोट लगी थी।

    - अशोक कुमार पाल, विजयनगर जवाब: चोट लगने के समय कान के पास भी चोट लगी होगी। तुरंत बहुत कम दर्द होता है। बाद में अंदरूनी चोट धीरे-धीरे घाव में बदल जाती है। कोई नस भी इस चोट से प्रभावित हुई होगी। पहले चरण में एमआरआइ जांच में कुछ स्पष्ट होगा। इसके लिए ओपीडी में जाकर जांच कराना बहुत जरूरी है।

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    सवाल: डाक्टर साहब मेरी यादाश्त कमजोर है। रात को गंदे-गंदे ख्वाब आते हैं। गदूद की समस्या भी है लेकिन यादाश्त कमजोर होने से पैर भी कमजोर हो चले हैं। पैदल चलने पर चक्कर आने लगते हैं। चलते-फिरते, सोत-जागते यह भूल जाता हूं कि कहां हूं और कहां जा रहा हूं।

    - राजबीर सिंह,अटौर नंगला जवाब: सामान्य जांच के साथ सबसे पहले एमआरआइ जांच करानी होगी। उम्र के हिसाब से मस्तिष्क संबंधी रोग के लक्षण तो नहीं है। घबराने की जरूरत नहीं है। परामर्श और जांच के बाद शुरू होने वाले इलाज से लाभ होगा। संतुलित भोजन और व्यायाम करते रहें।

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    सवाल: डाक्टर साहब भूलने की आदत हो गई है। कुछ भी याद नहीं रहता है। चलने में परेशानी होती है। भूख भी बहुत कम लगती है।

    - ओमप्रकाश जिदल, डासना जवाब: 74 वर्ष की उम्र में यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है। घबराने की जरूरत नहीं है। ओपीडी में पहुंचकर न्यूरो फिजिशियन से परामर्श जरूर लें। रुटिन जांच कराने से स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। स्वजन के साथ बात करना और दोस्तों के साथ घूमने से यादाश्त मजबूत होगी। सुबह-शाम योग जरूर करें।

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    सवाल: डाक्टर साहब मेरे सिर में दर्द रहता है। चलने पर चक्कर आते हैं। शरीर में कमजोरी और थकावट रहती है।

    - महीपाल बिष्ट, राजनगर जवाब: यह मस्तिष्क रोगों के संकेत हो सकते हैं लेकिन जांच कराने के बाद ही स्पष्ट होगा। रक्त संबंधी जांच के साथ साथ एमआरआइ जांच करानी होगी। जांच रिपोर्ट के बाद दवाएं चलेंगी। जरूरत पड़ने पर ही लंबा इलाज चलेगा।

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    सवाल: डाक्टर साहब मेरे हाथ कांपते हैं। कुछ काम करने पर कंपन बढ़ जाती है। चक्कर भी आते हैं। कई बार जांच कराने पर इस समस्या का निदान नहीं हुआ है।

    - शीशपाल शर्मा, गोकुलपुरी दिल्ली जवाब: अब तक कराई गई जांचों की रिपोर्ट लेकर ओपीडी में न्यूरो सर्जन को दिखाना होगा। नए सिरे से यदि कोई जांच करानी पड़ी तो कराई जाएगी, अन्यथा इलाज शुरू किया जाएगा। प्रारंभिक तौर पर यह मस्तिष्क रोग की शुरूआत हो सकती है। उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

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    सवाल: तीन महीने से कमर में दर्द है। बाथरूम में गिर गई थी। अब पैरों में भी दर्द रहने लगा है।

    - ज्योति, शालीमार गार्डन जवाब: हड्डी रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी होगी। यदि लगता है कि चक्कर आते हैं और लगातार सुबह के समय सिर में दर्द रहता है तो एक बार ओपीडी में आकर इसके लिए एमआरआइ और रक्त संबंधी जांच करवाने के बाद न्यूरो सर्जन से सलाह ली जा सकती है। संतुलित आहार और अच्छे विचारों से भी दर्द को काबू में किया जा सकता है। व्यायाम से लाभ मिलेगा।

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    सवाल: सिर दर्द रहता है। चलने पर कमजोरी और थकान महसूस होती है। चक्कर भी आते हैं।

    - देवेंद्र कुमार, राजेंद्रनगर जवाब: लगातार सिर दर्द होना मस्तिष्क संबंधी रोग के संकेत हो सकते हैं। इसके लिए पूरे शरीर की जांच करानी होंगी। बीमारी का सही पता लगाने के लिए एमआरआइ जांच अनिवार्य है।

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    सवाल: सिर में दर्द रहता है। चक्कर आते हैं। पेट में गैस भी बनती है। शरीर में कमजोरी और थकावट रहती है।

    - महाबीर सिंह, छपरौला

    जवाब: मस्तिष्क रोग का इन लक्षणों से कोई लेना देना नहीं है। पेट रोगों के लक्षण हैं। किसी फिजिशियन से सलाह लेना बेहतर होगा।

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    सवाल: सिर में दर्द रहता है। दोपहर के तीन बजे के बाद के यह दर्द बढ़ने लगता है। नींद नहीं आती है।

    - ब्रहमपाल सिंह, शालीमार गार्डन जवाब: काम का बोझ अधिक होने और कारोबार में उतार-चढ़ाव के चलते होने वाले तनाव से भी सिर दर्द रहने लगता है। इससे बचने के लिए नियमित दिनचर्या को अपनाते हुए योग करना शुरू कर दें। बिना चिकित्सक की सलाह के दवा लेकर सिर दर्द ठीक करने का प्रयास न करें। ओपीडी में न्यूरो फिजिशियन से परामर्श ली जा सकती है।

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    सवाल: आठ साल पहले रीढ़ की हड्डी में परेशानी हो गई थी। कमर दर्द रहता है। पैरों में जलन और अकड़न रहती है।

    - केएम शर्मा, मोदीनगर जवाब: यदि यह परेशानी किसी हादसे की वजह से हुई है तो ठीक होने में समय लगेगा। यदि लगता है कि मस्तिष्क रोग हो सकते हैं तो तसल्ली के लिए पूरे शरीर की जांच कराने और एमआरआइ की रिपोर्ट के साथ ओपीडी में चिकित्सक से सलाह ली जा सकती है।

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    सवाल: गर्दन के ऊपर गांठ हैं। दर्द नहीं होता है। परेशान रहता हूं।

    - आजाद सिंह , लोनी जवाब: गांठ से यदि कोई दर्द नहीं होता है। गांठ बढ़ नहीं रही है और आसपास सूजन नहीं है तो कुछ करने की जरूरत नहीं है। कोई परेशानी हो तब चिकित्सक को दिखाएं। बिना वजह जांच कराना ठीक नहीं है। इससे परेशान होने की जगह योग और व्यायाम करें। संतुलित भोजन के साथ जीवन शैली में बदलाव करें।

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    सवाल: सिर में दर्द और आंखों में जलन रहती है। तनाव रहता है।

    - चंदा, शाहदरा जवाब: माइग्रेन के संकेत हो सकते हैं। जरूरी जांच कराने के बाद बीमारी के बारे में सही पता चल सकेगा। ओपीडी में आकर दिखाना सही रहेगा।

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    सवाल: लेटने पर सिर दर्द होता है। चलने पर कमजोरी और थकावट से चक्कर आने लगते हैं।

    - मंजू चौधरी, शास्त्रीनगर जवाब: न्यूरो संबंधी रोग के लक्षण हो सकते हैं लेकिन एमआरआइ जांच कराने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी। इसके साथ ही रक्त संबंधी सभी जांच करानी होंगी। घबराने की जरूरत नहीं है। इलाज से सिर दर्द को ठीक किया जा सकता है।

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    सवाल: डाक्टर साहब कमर, पैर, बदन और जोड़ों में दर्द रहता है। हाथों में झनझनाहट रहती है।

    - सीमा, भजनपुरा दिल्ली जवाब: पुरानी जांच रिपोर्ट के साथ ओपीडी में चिकित्सक को दिखाना होगा। प्रारंभिक स्तर पर मस्तिष्क संबंधी रोग के संकेत हैं। समय पर इलाज शुरू करने से इसे ठीक किया जाना संभव है। घबराने की जरूरत नहीं है।

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    सवाल: बेटी की दिमाग की नसें फूल जाती हैं। कुछ समय बाद खुद ही ठीक हो जाती हैं। कमजोरी और थकान भी बताती है।

    - रामरतन सिंह, विजयनगर जवाब: इसके लिए सबसे पहले आंखों की रोशनी की जांच करानी होगी। पूरे शरीर की जांच कराने के बाद बीमारी के बारे में सही पता लग सकेगा।

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    सवाल: रीढ़ की हड्डी में दर्द रहता है। काम करने पर दर्द और बढ़ने लगता है। कमजोरी और थकावट महसूस होती है।

    - श्रद्धा पंसारी, बिहारीपुरा जवाब: रुटीन जांच कराने पर ही बीमारी के बारे में सही पता लग सकेगा। यह मांसपेशियों का दर्द भी हो सकता है। विटामिन जांच जरूर करवा लें। जांच रिपोर्ट के साथ ओपीडी में चिकित्सक से संपर्क करते हुए उचित परामर्श जरूर लें।

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    इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें। ये मस्तिष्क संबंधी रोगों के संकेत हो सकते हैं-

    तेज बुखार के साथ तेज सिर दर्द एवं जी मिचलाना, उल्टियां आना, चक्कर आना, रोगी की दशा मे तेजी से गिरावट आना, नींद न आना,

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    मस्तिष्क रोगों से बचाव के लिए काम की बातें

    व्यायाम करें, बादाम खाएं, पालक का सेवन करे, काफी पिएं, डार्क चाकलेट का सेवन करें

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    चिकित्सक की सलाह

    नसों की कमजोरी से छुटकारा पाने के लिए विटामिन, मैग्नीशियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त चीजों का भरपूर सेवन करें। सेंधा नमक सूजन को कम करता है और मांसपेशियों व नसों के बीच के संतुलन को बेहतर बनाता है। सेंधा नमक में मैग्नीशियम और सल्फेट पाया जाता है, जो इसके गुणों का मुख्य स्त्रोत होता है।