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मोरटी और अटौर के पास बसेगा नया गाजियाबाद, दोबारा होगा एयरोसिटी टाउनशिप का सर्वे; GDA का बड़ा कदम

Published: Thu, 13 Aug 2026 07:22 PM (IST)

गाजियाबाद में एयरोसिटी टाउनशिप परियोजना के लिए जमीन का दोबारा विस्तृत सर्वे होगा। किसानों की आपत्तियों और पिछली खामियों को ...और पढ़ें

गाजियाबाद में एयरोसिटी टाउनशिप के लिए दोबारा सर्वे शुरू। फोटो: एआई जनरेटेड

गाजियाबाद में एयरोसिटी टाउनशिप के लिए दोबारा सर्वे शुरू। फोटो: एआई जनरेटेड

HighLights

  1. एयरोसिटी टाउनशिप के लिए जमीन का विस्तृत सर्वे फिर होगा

  2. किसानों की आपत्तियों के बाद जीडीए ने लिया यह निर्णय

  3. एक सप्ताह में सर्वे रिपोर्ट तैयार कर भूमि चिह्नीकरण

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी एयरोसिटी टाउनशिप परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए एक बार फिर जमीन का विस्तृत सर्वे शुरू किया जाएगा।

पिछले सर्वे में सामने आई खामियों और किसानों की आपत्तियों के बाद जीडीए ने नए सिरे से सर्वे कराने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का दावा है कि एक सप्ताह के भीतर सर्वे रिपोर्ट तैयार कर भूमि का अंतिम रूप से चिह्नीकरण किया जाएगा, जिससे परियोजना की आगे की प्रक्रिया तेज हो सके।

किसानों की आपत्तियों के बाद दोबारा होगा सर्वे

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास प्रस्तावित 200 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाली एयरोसिटी योजना के पहले चरण में किसानों की आपत्तियों के बाद जीडीए दोबारा सर्वे शुरू करा रहा है।

पहले जारी नोटिस उपलब्ध सर्वे रिकाॅर्ड के आधार पर भेजे गए थे। उस समय रिकार्ड में संबंधित जमीन खाली दर्ज थी। हालांकि, मोरटी, अटौर और नंगला गांवों के 100 से अधिक लोगों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि वहां आबादी बस चुकी है।

इन्हीं बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए अब राजस्व विभाग और जीडीए की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर दोबारा सर्वे करेगी।

एक सप्ताह में तैयार होगी सर्वे रिपोर्ट

प्राधिकरण का मानना है कि नए सर्वे से सभी विवादित बिंदुओं का समाधान होगा और परियोजना के लिए आवश्यक भूमि का स्पष्ट खाका तैयार हो सकेगा। इसके बाद किसानों के साथ संवाद और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी।

जीडीए की यह योजना भविष्य में गाजियाबाद को आधुनिक शहरी सुविधाओं और निवेश के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

एयरोसिटी टाउनशिप के लिए जमीन का दोबारा सर्वे कराया जा रहा है। पहले हुए सर्वे में कुछ तकनीकी कमियां और किसानों की आपत्तियां सामने आई थीं। इन्हें दूर करने के लिए संबंधित विभागों की संयुक्त टीम एक सप्ताह के भीतर सर्वे पूरा कर रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर भूमि का अंतिम चिह्नीकरण कर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। हमारा प्रयास है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे और किसानों की आपत्तियों का विधिसम्मत समाधान किया जाए।

- विवेक मिश्र, सचिव जीडीए

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