गाजियाबाद में वाट्सएप चैट से खुला बच्चा चोरी गिरोह का रात, बच्चों की न्यूड तस्वीरें भेजकर करते थे सौदा
गाजियाबाद पुलिस ने अपनी सगी बच्ची बेचकर बच्चा चोरी का नेटवर्क खड़ा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ...और पढ़ें

बच्चा बरामद होने के बाद मां को सौंपती गाजियाबाद पुलिस। फोटो: आर्काइव
HighLights
नवजात लड़कों के नग्न फोटो भेजे
सगी बच्ची बेचकर बनाया चोर गिरोह
राहगीरों के मोबाइल से करते बात
हसीन शाह, गाजियाबाद। आरोपितों के मोबाइल के वाट्सएप पर चैट मिली है। चैट में आरोपितों ने कई नवजात लड़कों का फोटो नग्न अवस्था में भेज रखा है। जिससे ग्राहक को यह पता चल सके कि चोरी किया हुआ बच्चा लड़का है या लड़की है।
आरोपित चोरी करते समय बच्चे का धर्म व जाति नहीं देखते थे। न ही ग्राहक से वह धर्म व जाति पर बात करते थे। चैट से पता चला है कि ग्राहक आरोपितों से लड़की की बजाय लड़के की मांग कर रहे हैं। लड़के की मांग करने वाले ग्राहक हरियाणा के हैं।
पुलिस का कहना है कि पुलिस आरोपितों के मोबाइल की गहन जांच कर रही है। कुछ मोबाइल नंबरों से की सूची तैयार की गई है। सूची में मिले नंबरों के आधार कुछ संदिग्धों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
मोबाइल से जिन लोगों को बच्चों के फोटो भेज गए हैं उनसे भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस गिरफ्तार आरोपितों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेगी। इसके बाद साफ हो पाएगा कि आरोपित पिछले दो वर्ष में कितने बच्चे चोरी कर चुके हैं। वही फरार चल रही माैसीना और सितारा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं।
अपनी सगी बच्ची को बेचने के बाद खड़ा किया नेटवर्क
नौशाद ने दो वर्ष पहले अपनी पत्नी की कोख में पल रहे बच्चे का सौदा कर दिया। बच्ची के जन्म हुआ तो उसे 70 हजार रुपये में बेच दिया। इसके बाद नौशाद दो साल पहले गिरोह बनाया। काम के दौरान नौशाद की मुलाकात ऐनुल और नागेंद्र से हुई।
ऐनुल और नागेंद्र का काम ग्राहकों को तलाश करने का था। जबकि आबिद, नसीम और सुमित्रा बच्चों को चोरी करने के लिए रेकी करती थीं। यदि बच्चे को चोरी करने में असफल होती तो उस परिवार से मेलजोल बढ़ाते थे।
इसके बाद बच्चे को खिलाने के बहाने लेकर फरार हो जाते थे। यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के बच्चे चोरी करते थे। नौशाद अपने भाई के बच्चों को भी बेचने की भी फिराक में था। वह अपने सगे भाई के बच्चों को बेचने की बातचीत भी कर रहा था।
ऐनुल पहले शादी के नाम पर लड़कियों को बेचता था
पूर्व में ऐनुल एनसीआर में ऐसे युवाओं की तलाश करता था जिनकी किसी कारण से शादी नहीं हो रही है। वह उनकी शादी कराने के बदले में पैसे लेता था। बिहार से लड़कियां लाकर उनकी शादी करा देता था। बदले में दो से तीन लाख रुपये लेता था।
शादी के बाद लड़की भाग जाती थी। पुलिस का कहना है कि आरोपित ने शादी कराने के काम को बंद करके बच्चा चोरी करने वाले इस गिरोह में शामिल हो गया। हालांकि पुलिस शादी कराने वाले मामले की भी जांच कर रही है।
पुलिस के लिए पकड़ना था चुनौती
बच्चा चोरी करने के बाद गिरोह के लोग एक दूसरे से बात करने के लिए अपने मोबाइल का प्रयोग नहीं करते थे। ये लोग राहगीर से मोबाइल मांगकर उससे बात करते थे। इससे उन्हें पकड़ना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा था। पुलिस को इनकी कड़ी जोड़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
आरोपितों ने इस बच्चे को चोरी करने के बाद छह राहगीरों के मोबाइल से बात की। रास्ते में बच्चे को महिला गोद में रखती थी। जिससे किसी काे शक न हो। चोरी करने के बाद बच्चे को पैकेट का दूध पिलाते थे। हालांकि बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते थे।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
आरोपित उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में बच्चों को बेचने की बातचीत की जानकारी मिली है। आरोपितों के मोबाइल से एक दर्जन से ज्यादा बच्चों के फोटो मिले हैं। ये फोटो राजस्थान व हरियाणा में कई लोगों को भेजे गए हैं।
हरियाणा के ग्राहक लड़की की बजाय लड़के की ज्यादा मांग करते थे। पुलिस काे पता चला है कि आरोपित ऐसे बिल्डिंग में किराये पर कमरा लेकर रहते थे जिसमें अधिक संख्या में अलग-अलग कमरों में मजूदर परिवार के साथ रहते हैं। वहां पर बच्चों पर नजर रखते थे।
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