गाजियाबाद पुलिस चौकी ब्लास्ट: पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी नेटवर्क पर शक, हर एंगल से जांच जारी
गाजियाबाद की वसुंधरा चौकी में हुए ब्लास्ट के पीछे बड़ी साजिश का अंदेशा जताया जा रहा है। इस हमले के ...और पढ़ें
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गाजियाबाद वसुंधरा पुलिस चौकी ब्लास्ट केस। जागरण
आशुतोष गुप्ता, साहिबाबाद (गाजियाबाद)। गाजियाबाद में इंदिरापुरम की वसुंधरा चौकी पर शुक्रवार रात हुए धमाके में खुफिया व सुरक्षियां एजेंसियां ऐसी नहीं जुटी हैं। इस धमाके के पीछे बड़ी साजिश का अंदेशा जताया जा रहा है।
अंदेशा है कि इस हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी का नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। अब इस दिशा में एजेंसियों ने काम शुरू कर दिया है।
अंदेशा यह भी जताया जा रहा है कि इस साल अप्रैल में एजेंसियों ने कौशांबी थाना क्षेत्र में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसका बदला लेने के लिए यह धमाका कराया जा सकता है।
वहीं माना यह भी जा रहा है कि धमाका करने वाले लोग नौसिखिया थे। वह विस्फोटक चौकी पर गिराने में सफल नहीं हुए बल्कि विस्फोटक चौकी के बराबर में गिरा। यदि विस्फोटक चौकी के ऊपर गिरता तो जर्जर भवन होने के चलते वह ढह सकता था और अनहोनी हो सकती थी। फिलहाल एजेंसियां जांच में जुटी हैं।

25 आरोपियों को किया गिरफ्तार
अप्रैल माह में एजेंसियों ने कौशांबी थाना क्षेत्र में चल रहे जासूसी गिरोह का भंडाफोड़ किया था। पुलिस व एजेंसियों ने गिरोह से जुड़े 25 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। आरोपित देश भर में सैन्य ठिकानों व संवेदनशीन स्थानों की जासूसी कर वहां सोलर बेस्ड कैमरे लगा रहे थे और इनकी फीड पाकिस्तान को दे रहे थे। इन स्थानों की लाइव फोटो व वीडियो पाकिस्तान में बैठे सरगना को भेज रहे थे। इस प्रकरण में पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी का नाम प्रकाश में आया था।

जांच में पता चला था कि आतंकी भारत में सैन्य व संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाकर हमला कर सकते हैं। गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद नेटवर्क टूट गया था। अब अंदेशा जताया गया है कि गाजियाबाद में अभी भी नेटवर्क सक्रिय हो सकता है और यह धमाका इसी नेटवर्क से जुड़े लोगों द्वारा कराया गया है। इसके चलते ही एजेंसियां सक्रिय हुई हैं और हर पहलू पर जांच में जुटी हैं।
भारत विरोधी गतिविधियों के लिए अकाउंट बनाने का अंदेशा
एक्स पर जिस गाजी-2 अकाउंट से पोस्ट कर तहरीम-उल-मुजाहिद्दीन संगठन ने धमाके की जिम्मेदारी ली है, यह अकाउंट वर्ष 2025 अगस्त माह में बनाया गया है। इस पर यह पहली पोस्ट की गई है और इस अकाउंट पर केवल दो ही फोलाअर हैं।
सूत्रों का कहना है कि आतंकी संगठन के लिए ऐसे अकाउंट भारत विरोधी या आतंकी गतिविधियों की जिम्मेदारी लेने के लिए बनाकर रखते हैं। समय आने पर इनका प्रयोग करते हैं। इस संगठन का नाम पहली बार प्रकाश में आया है। इस अकाउंट की जांच में भी एजेंसियां जुट गई हैं।

बहुत ही गंभीर या हल्का हो सकता है धमाके का उद्देश्य
सूत्रों का कहना है कि धमाके के पीछे का उद्देश्य या तो बहुत गंभीर है या काफी हल्का हो सकता है। इन दोनों पहलुओं पर ही पुलिस व एजेंसियां जांच में जुटी हैं।
दीवाली के दौरान हुए इस धमाके को पुलिस पटाखों में इस्तेमाल होने वाले बारूद से भी जोड़ कर चल रही है जबकि केमिकल विस्फोटक की भी जांच हो रही है। क्योंकि पुलिस चौकी की भवन 21 साल पुराना है और इसकी दीवार भी अधिक मोटी नहीं हैं। इमारत भी जर्जर हो रही है। ऐसे में दीवार में दरार किसी आम विस्फोटक से भी आ सकती है।
सूत्र कह रहे हैं कि या तो इस धमाके के पीछे बड़ी साजिश हो सकती है अन्यथा ये किसी सिरफिरे की करतूत भी हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक जांच के बाद ही विस्फोटक व उसकी तीव्रता के बारे में पता चल सकेगा।
वसुंधरा चौकी थी धमाके के लिए आसान टारगेट
वसुंधरा चौकी डिवाइडर के बीचोबीच बनी है। इसके ठीक ऊपर से एलिवेटेड रोड गुजर रही है। ऐसे में इसपर विस्फोटक फेंकना और मौके से किसी की निगाह में आए बगैर फरार होना सबसे आसान है।
इसके चलते ही वसुंधरा चौकी में धमाका आरोपितों के लिए आसान टारगेट था। इसलिए ही वसुंधरा चौकी को निशाना बनाने का अंदेशा जताया गया है।
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