गाजियाबाद में अगर जाम में फंसे तो चौराहे पर लगा स्पीकर करेगा ट्रैफिक कंट्राेल, हिट एंड रन पर भी लगेगी लगाम
गाजियाबाद में ट्रैफिक को हाईटेक बनाने के लिए चौराहों पर ITMS से जुड़े स्पीकर लगाए जा रहे हैं। कंट्रोल रूम से सीधे निर्देश मिलने से जाम तुरंत नियंत्रित ...और पढ़ें

ट्रैफिक लाइट के पोल में स्पीकर (लाल घेरे में) और कैमरा लगाया गया है। फोटो: जागरण
HighLights
कंट्रोल रूम से सीधे स्पीकर पर मिलेंगे ट्रैफिक निर्देश
जाम की स्थिति में तुरंत नियंत्रण, हिट एंड रन में मदद
गाजियाबाद के 41 प्रमुख स्थानों पर लगेंगे ITMS स्पीकर
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। मालीवाड़ा चौक पर रविवार को स्पीकर के जरिए ट्रैफिक नियंत्रण का ट्रायल किया गया। चौराहे पर लगाए गए नए स्पीकर से जैसे ही कंट्रोल रूम से सड़क घेरकर खड़े तिपहिया हटाने का निर्देश प्रसारित हुआ, मौके पर तैनात यातायातकर्मी तुरंत सक्रिय हो गए।
जवानों ने तिपहिया वाहनों को हटवाकर कुछ ही देर में यातायात सुचारू करा दिया। ट्रायल के दौरान यह व्यवस्था प्रभावी नजर आई और साफ हुआ कि स्पीकर सिस्टम से मौके पर तुरंत निर्देश देकर जाम की स्थिति को जल्दी नियंत्रित किया जा सकता है।
स्पीकर के जरिये कंट्रोल रूम से निर्देश
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को हाईटेक बनाने के तहत अब चौराहों और तिराहों पर स्पीकर के जरिए कंट्रोल रूम से सीधे निर्देश दिए जाएंगे। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) के तहत लगाए गए कैमरों से निगरानी और चालान की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
अब इसी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए स्पीकर सिस्टम जोड़ा जा रहा है। शुरूआत शहर में तीन स्थानों पर ट्रायल के रूप में चौराहों पर स्पीकर लगाकर की गई है।

41 स्थानों पर कैमरे से रखी जा रही नजर
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार शहर में 41 प्रमुख स्थानों पर कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। पिछले दो महीनों में ही यातायात नियमों के उल्लंघन पर करीब 38 हजार चालान किए जा चुके हैं।
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अब इन कैमरों से जुड़े चौराहों पर स्पीकर लगाए जा रहे हैं, जिससे कंट्रोल रूम से मौके पर तैनात कर्मियों और आम लोगों को तुरंत निर्देश दिए जा सकेंगे। ट्रायल के तौर पर मालीवाड़ा चौक, हापुड़ चुंगी चौराहा और ठाकुरद्वारा तिराहा पर स्पीकर लगाए गए हैं। रविवार को इनका परीक्षण किया गया।
ट्रैफिक के शोर में भी सुनाई देगी स्पीकर की आवाज
इन स्पीकरों की क्षमता 80 डेसीबेल है, जिससे भारी ट्रैफिक और शोर के बीच भी आवाज स्पष्ट रूप से सुनाई दे सकेगी। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि यदि किसी चौराहे पर जाम की स्थिति बनती है तो कंट्रोल रूम से ही संबंधित यातायातकर्मियों को निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही यह भी मौके पर यातायातकर्मियों की मौजूदगी की निगरानी भी की जाएगी।
हिट एंड रन के मामलों में भी होगा उपयोगी
इसके अलावा हिट एंड रन मामलों में भी यह सिस्टम बेहद उपयोगी साबित होगा। यदि कोई वाहन दुर्घटना के बाद भागता हुआ कैमरे में कैद होता है, तो उसके रूट पर पड़ने वाले चौराहों पर तुरंत स्पीकर के जरिए सूचना देकर उसे रोका जा सकेगा।
इस व्यवस्था से ट्रैफिक नियंत्रण और कानून व्यवस्था दोनों को और बेहतर बनाया जा सकेगा। कुछ ही दिनों में सभी ऐसे स्थानों पर स्पीकर लगा दिए जाएंगे जहां आइटीएमएस के तहत कैमरे लगाए गए हैं।
- त्रिगुण बिसेन, डीसीपी ट्रैफिक
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