गाजियाबाद में कोर्ट परिसर में पत्नी ने पति पर बरसाईं चप्पल, उपन्यास पढ़ने पर दिया था तीन तलाक
गाजियाबाद जिला न्यायालय में एक पति को पत्नी ने चप्पलों से पीटा, जब उसने तीन तलाक देने के बाद आपत्तिजनक टिप्पणी की। पति ने पत्नी को उपन्यास पढ़ने और री ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI Generated
HighLights
चप्पल लगते ही पति बोला... गलती हो गई, अब घर चलो
तारीखों से तंग आकर पति ने पत्नी पर की आपत्तिजनक टिप्पणी
माफी मांगकर पति पत्नी को शर्तों पर घर वापस ले गया
हसीन शाह, गाजियाबाद। जिला न्यायालय परिसर में पति द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर पत्नी ने उस पर चप्पलों की बारिश कर दी। चप्पल लगते ही पति ने गलती मानते हुए माफी मांग ली। पति ने कहा कि अब मैं तुम्हारे साथ सुकून से जीवन व्यतीत करना चाहता हूं। चलो घर चलते हैं। दरअसल पत्नी को उपन्यास पढ़ने और रील देखने की आदत है। इससे नाराज होकर पति ने उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया था। अदालत में पत्नी के उत्पीड़न का केस चल रहा है।
मूल रूप से बुलंदशहर निवासी व्यक्ति की शादी तीन वर्ष पूर्व हुई थी। दोनों पति-पत्नी लोनी क्षेत्र में किराये के मकान में रहते हैं। पति कारपेंटर व 12वीं पास है जबकि पत्नी ने बीए किया हुआ है। पत्नी को उपन्यास पढ़ने का शौक है। शादी के बाद पत्नी ने पति से मोबाइल खरीदकर देने के लिए कहा। पति ने शादी के दो माह बाद ही पत्नी को मोबाइल दे दिया। पत्नी मोबाइल पर आनलाइन उपन्यास पढ़ती थी।

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'पत्नी रील देखती है'
पति ने आरोप लगाया कि पत्नी रील देखती है। जबकि पत्नी ने कहा कि वह रील नहीं देखते है। वह उपन्यास पढ़ती है। ऐसे में पति ने पत्नी का मोबाइल चलाने का विरोध किया और उससे मोबाइल छीन लिया। इसके बाद पत्नी अपने मायके चली गई। मायके से वह कई उपन्यास की किताबें खरीदकर लेकर आई।
अब वह किताब पढ़ने लगी। इससे खफा होकर पति ने पत्नी को तीन तलाक दे दिया। पत्नी ने अदालत में उत्पीड़न का केस दायर कर दिया। पति ने आरोप लगाया कि पत्नी रील देखने के चक्कर में घर के काम में ध्यान नहीं देती है। दिन भर अन्य लोगों से बात करती है। रील बंद करने के बाद किताब पढ़ने बैठ जाती है। वह उसे अब पत्नी के रूप में घर नहीं रखना चाहता है।
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पति ने मानी गलती, साथ ले गया घर
बुधवार को पति-पत्नी अदालत परिसर पहुंचे थे। पति ने पत्नी से केस को वापस लेने की धमकी देते हुए उसके चरित्र पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। गुस्साई पत्नी ने पति को कई चप्पलें मारीं। वहां मौजूद अधिवक्ता व अन्य लोगों ने पति को बचाया। इस दौरान वहा मौजूद एक वरिष्ठ नागरिक ने पति को समझाया। पति कुछ देर तक पत्नी के सामने बैठा रहा। इसके बाद पति ने पत्नी से हाथ जोड़कर माफी मांगी।
पति बोला उससे गलती हो गई... अब वह उसका साथ कभी नहीं छोड़ेगा। इसके बाद वह पत्नी को अपने घर ले गया। पत्नी ने घर जाने से पहले पति के सामने कुछ शर्तें रखीं। पत्नी ने कहा कि वह उसे उपन्यास पढ़ने नहीं रोकेगा, उसके चरित्र पर गलत टिप्पणी नहीं करेगा। इन शर्तों को पति ने स्वीकार कर लिया। इस तरह पति ने भी अपनी शर्त रखते हुए कहा वह रील नहीं देखेगी। पत्नी इस शर्त को स्वीकार करते हुए पति के साथ चली गई।