साहब! हार्ट पेशेंट हूं, दो बार अटैक आ चुका है; फिर भी सोसायटी वाले घर के सामने से डीजी सेट नहीं हटा रहे
इंदिरापुरम के न्याय खंड-एक में 70 वर्षीय हृदय रोगी सत्यप्रकाश त्यागी जेनरेटर प्रदूषण से परेशान हैं। रॉयल अपेक्स सोसायटी के जेनरेटर मानकों का उल्लंघन क ...और पढ़ें

इंदिरापुरम के न्याय खंड-एक में मानकों का उल्लंघन कर चलाए जा रहे जेनरेटर।
HighLights
70 वर्षीय हृदय रोगी जेनरेटर प्रदूषण से पीड़ित
मानकों का उल्लंघन कर चल रहे हैं सोसायटी के जेनरेटर
चार माह से शिकायत पर भी नहीं हुई कार्रवाई
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। साहब...मैं हृदय रोगी हूं। दो बार हार्ट अटैक भी हो चुका है। इसके बाद भी मेरे घर के सामने जनरेटर सेट लगवा रखे हैं, जिनके संचालन में मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है। इससे मुझे बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है।
करीब चार माह से नगर निगम, जीडीए व प्रदूषण बोर्ड में शिकायत कर रहा हूं। इसके बाद भी जनरेटर सेट को नहीं हटाया जा रहा है। ये कहना है इंदिरापुरम के न्याय खंड-एक में रहने वाले 70 वर्षीय सत्यप्रकाश त्यागी का।
सत्यप्रकाश त्यागी ने बताया कि वह पत्नी माया देवी के साथ न्याय खंड-एक में रहते हैं। घर के बिल्कुल सामने राॅयल अपेक्स सोसायटी है। इसके दो जनरेटर अवैध रूप से घर के सामने खाली जमीन में लगे हुए हैं। इससे वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण दोनों फैल रहे हैं।
जबकि करीब चार माह से जिलाधिकारी कार्यालय, नगर निगम और आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत कर चुके हैं। जीडीए व नगर निगम के अधिकारी कई बार पहुंचे, लेकिन सभी ने जांच का हवाला देते हुए कोई कार्रवाई नहीं की।
प्रदूषण बोर्ड की टीम ने 23 जनवरी को निरीक्षण कर जनरेटर का संचालन मानकों के खिलाफ बताया था। दोनों जनरेटर सेट की चिमनी मानक के अनुरूप नहीं पाई गईं।
जनरेटर को लेकर गीता गुप्ता ने भी बुजुर्ग की ओर से कई बार शिकायत की। बुजुर्ग को जीडीए कार्यालय में लेकर भी पहुंचीं। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई। सोसायटी के प्रतिनिधि कहते हैं की जीडीए वीसी से बात कर रखी है, जनरेटर चलते रहेंगे।
ये है जनरेटर लगाने का नियम
जनरेटर लगाने का ये नियम है कि बिल्डिंग के ऊपरी तल से सात मीटर ऊंची चिमनी लगानी चाहिए, लेकिन तमाम सोसायटियों में चिमनी मानक के अनुसार नहीं है। इससे जनरेटर से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण फैल रहा है।
शिकायत पर जांच की गई थी। बिल्डर को मानक का पालन कराने के लिए नोटिस दिया गया है। अगर पालन नहीं किया तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी
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