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भाई-बहन के प्यार की अनोखी मिसाल: अफसाना ने हिंदू भाई को बांधी राखी, योगेश ने बहन को दी नई जिंदगी

Updated: Sat, 29 Aug 2026 10:15 AM (IST)

बालाजी विहार निवासी अफसाना पिछले पांच साल से दीप को राखी बांधकर भाई-बहन के प्यार की अनूठी मिसाल पेश कर ...और पढ़ें

5 साल से हिंदू भाई को राखी बांध रही अफसाना। जागरण

5 साल से हिंदू भाई को राखी बांध रही अफसाना। जागरण

HighLights

  1. अफसाना पांच साल से हिंदू भाई दीप को राखी बांधती हैं।

  2. दीप ने अफसाना का मुश्किल समय में भाई की तरह साथ दिया।

  3. फिलीपींस से आकर भाई ने बहन को स्टेम सेल दान कर बचाया।

जागरण संवाददाता, साहिबाबाद (गाजियाबाद)। भाई-बहन के प्यार का पर्व रक्षाबंधन मजहबी बंदिशों का मोहताज नहीं है, इसे बालाजी विहार निवासी अफसाना ने साबित किया है।

अफसाना पिछले 5 साल से क्षेत्र में ही रहने वाले दीप को राखी बांध रही हैं। उनका कहना है कि कई बार मुश्किलों में दीप ने उनका भाई की तरह साथ दिया। इसके बाद से उन्होंने भी राखी बांधकर दीप के साथ इस रिश्ते और मजबूत कर लिया।

दीप ने बताया कि हर साल जब अफसाना उनको राखी बांधने आती हैं तो उन्हें बहुत खुशी होती है।

रक्षा का वादा निभाने सात समंदर पार से आया भाई

रक्षाबंधन पर भाई ने बहन की रक्षा करने का वादा निभाया। बहन की रक्षा के लिए वो सात समंदर पार से आया और ब्लड कैंसर से जूझ रही स्टेम सेल देकर बहन की जान बचा ली।

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48 वर्षीय प्रीति वार्ष्णेय को जब जिंदगी बचाने वाले स्टेम सेल ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ी, तो उनके 50 वर्षीय भाई योगेश वार्ष्णेय ने एक पल भी नहीं सोचा।

फिलीपींस में रहने वाले योगेश हजारों किलोमीटर का सफर तय कर अपनी बहन के पास पहुंचे और उनके स्टेम सेल डोनर बने, जिससे प्रीति को जिंदगी का एक नया मौका मिला।