यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ghaziabad: आज ही निपटा लें सारा काम, कल 12 घंटे तक बाधित रहेगी बिजली की आपूर्ति
गाजियाबाद में रविवार को पटेलनगर प्रथम के 33/11 केवी उप केंद्र पर वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) बदलने का काम होगा। इससे आठ कॉलोनियों के पांच हजार से अ ...और पढ़ें

HighLights
- 20 साल बाद बदले जाएंगे बिजली घर के पुराने उपकरण
- पटेल नगर के 33/11 केवी उप केंद्र पर वीसीबी बदलने का होगा काम
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। गर्मियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के उप केंद्रों को बेहतर बनाने का काम तेज गति से चल रहा है। इसी क्रम में रविवार को पटेलनगर प्रथम के 33/11 केवी उप केंद्र पर वीसीबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) बदलने का काम होगा। इससे आठ कॉलोनियों के पांच हजार से अधिक घरों में 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।
नगरीय विद्युत वितरण खंड सप्तम के अधिशासी अभियंता ललित कुमार ने इस संबंध में शनिवार को सार्वजनिक सूचना जारी की है कि सुबह नौ बजे से लेकर सायं आठ बजे तक इस केंद्र से जुड़े क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इन क्षेत्रों में पटेल नगर द्वितीय, शिब्बनपुरा, बौंझा,पटेलमार्ग, सेवानगर, उदलनगर, बाल्मीकि कुंज और दीनदयालपुरी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सबसे अधिक परेशानी नगर निगम द्वारा की जाने वाली पेयजल आपूर्ति को लेकर होगी। सुबह सात बजे से पानी की आपूर्ति होती है।
लोगों ने बताया- बहुत परेशानी होगी
रविवार को अवकाश के चलते अधिकांश घरों में लोग 12 बजे तक नहाने, कपड़ा धोने और साफ सफाई का काम करते हैं। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से पानी की आपूर्ति ठप हो जाएगी। लोग परेशान होंगे। इसके लिए नगर निगम स्तर से पानी की आपूर्ति की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। पटेल नगर स्थित बाल्मीकि कुंज के रहने वाले मुकेश जीनवाल का कहना है कि एक-दो घंटे बिजली की आपूर्ति बाधित होने पर ही घरों में लोग परेशान होने लगते हैं। पहली बार 12 घंटे तक बिजली की आपूर्ति न किए जाने से बहुत परेशानी होगी।
अनुरक्षण माह में नहीं हुआ काम पूरा
शहरी क्षेत्र में बिजली के जर्जर तारों को बदलने, ट्रांसफार्मर बदलने, बिजली घरों की क्षमता बढ़ाने और जर्जर खंभों को बदलने का काम अनुरक्षण माह में भी पूरा नहीं हुआ है। एक फरवरी से 29 फरवरी तक अनुरक्षण माह मनाया गया था। अधिकांश जगहों पर खंभा खड़ा करने के बाद संबंधित ठेकेदार तार लगाना भूल गए हैं।