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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    नए कानून के तहत गाजियाबाद में दर्ज हुआ पहला मुकदमा, धाराएं पुरानी

    Updated: Mon, 01 Jul 2024 09:49 AM (GMT+05:30)

    विजयनगर थाने में रात करीब तीन बजे दर्ज हुए इस मुकदमे को पुलिस ने एफआइआर के नए प्रारूप भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता -2023 (बीएनएसएस-2023) की धारा 173 क ...और पढ़ें

    भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत गाजियाबाद में पहली एफआइआर दर्ज।
    भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत गाजियाबाद में पहली एफआइआर दर्ज।

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। नए आपराधिक कानून रविवार आधी रात से प्रभावी होने के बाद पहला मुकदमा विजयनगर थाने में दर्ज किया गया है। रात करीब तीन बजे दर्ज हुए इस मुकदमे को पुलिस ने एफआइआर के नए प्रारूप भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता -2023 (बीएनएसएस-2023) की धारा 173 के तहत दर्ज किया है।

    कल तक मुकदमे सीआरपीसी की धारा 154 के तहत दर्ज किए जाते थे। मारपीट के इस मामले में पुलिस ने आइपीसी के तहत ही मारपीट की धाराएं लगाई हैं। विजय नगर के मवई निवासी रितिक पांडेय ने अपने ई रिक्शा से बैटरी चोरी की जानकारी करने कल जब पार्किंग में गए, तब वहां पार्किंग संचालक ने उनके साथ मारपीट की।

    पुलिस का कहना है कि घटना के समय पुराना कानून लागू था इसलिए धाराएं पुराने कानून के तहत लगी हैं। लेकिन केस दर्ज करते समय नया कानून प्रभावी हो गया। इसलिए एफआइआर नए प्रारूप के तहत दर्ज की गई है।