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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    गाजियाबाद में 20 करोड़ का प्लॉट भूल गया GDA, लैंड ऑडिट में हुआ खुलासा; अब कराया कब्जामुक्त

    Updated: Tue, 03 Sep 2024 01:16 PM (IST)

    गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) इंदिरापुरम योजना में 328 वर्ग मीटर के एक प्लॉट को नियोजित करना भूल गया था। लैंड ऑडिट के दौरान इस प्लॉट का पता चला है ...और पढ़ें

    जीडीए को लैंड ऑडिट में 328 वर्ग मीटर का प्लॉट मिला। (प्रतीकात्मक फोटो)
    जीडीए को लैंड ऑडिट में 328 वर्ग मीटर का प्लॉट मिला। (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. योजना में किसी को भी नहीं बेचा गया था प्लॉट
    2. इस प्लॉट की नीलामी कर बेचेगा जीडीए

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। इंदिरापुरम योजना के लिए जीडीए ने भूमि का अधिग्रहण किया था, जिसमें प्राधिकरण ज्ञानखंड तृतीय में 328 वर्ग मीटर का प्लॉट नियोजित करना भूल गया। जीडीए वीसी अतुल वत्स ने इंजीनियरिंग अनुभाग से लैंड ऑडिट कराने के निर्देश दिए थे।

    ऑडिट के दौरान जोन छह इंजीरियरिंग अनुभाग के सहायक अभियंता पीयूष सिंह ने लैंड ऑडिट शुरू किया, जिसमें यह प्लॉट नियोजित न होना पाया गया। उन्होंने संपत्ति अनुभाग से रिपोर्ट ली तो पता चला कि इस प्लॉट को किसी को क्रय नहीं किया गया।

    जीडीए ने इस भूमि को कब्जामुक्त कराया है। जीडीए अब इस प्लॉट को नियोजित करने के बाद नीलामी कर क्रय करेगा। जीडीए को इससे करीब 15 से 20 करोड़ रुपये की तक की आय का अनुमान है।

    एग्जिक्यूटिव इंजीनियर का तबादला

    जीडीए के एग्जिक्युटिव इंजीनियर योगेश पटेल का ट्रांसफर वाराणसी विकास प्राधिकरण में स्थानांतरण किया गया है। कुछ दिन पहले ही शासन से उन्हें असिस्टेंट इंजीनियर से प्रमोशन करके एग्जिक्युटिव इंजीनियर बनाया गया था।

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    जीडीए ने मुख्य नगर नियोजक अजय सिंह को किया रिलीव

    जीडीए में तैनात मुख्य नगर नियोजक अजय कुमार सिंह का इसी पद पर बरेली विकास प्राधिकरण में स्थानांतरण के बाद सोमवार को रिलीव कर दिया गया। दो माह पूर्व भी उनके बरेली स्थानांतरण के आदेश जारी हुए थे, लेकिन इस बार वेतन रोकने के साथ ही उनसे आदेश की अवहेलना का स्पष्टीकरण देने को कहा गया था।

    बता दें कि वह गाजियाबाद के लिए महत्वपूर्ण मास्टर प्लान-2031 का संशोधित ड्राफ्ट तैयार कर रहे थे। जीडीए वीसी ने बरेली विकास प्राधिकरण में दो माह पहले तबादला होने के बावजूद उन्हें रिलीव नहीं किया था और उन्हें मास्टर प्लान-2031 के ड्राफ्ट को तैयार करने में लगा दिया था। उन्होंने बरेली पहुंचकर पदभार ग्रहण किया। उनके स्थान पर अब टाउन प्लानर अरविंद कुमार को कार्यवाहक मुख्य नगर नियोजक की जिम्मेदारी मिली है।

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