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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    गाजियाबाद में IPS संजीव त्यागी की मां से ठगी की कोशिश, भतीजा बनकर मांग ढाई लाख रुपये

    By Jagran NewsEdited By: Shyamji Tiwari
    Updated: Sat, 19 Aug 2023 06:07 PM (IST)

    अयोध्या में एसपी क्षेत्रीय अभिसूचना आईपीएस संजीव त्यागी की मां राजकुमारी त्यागी से साइबर जालसाजों ने ठगी का प्रयास किया। आरोपी ने भतीजा बनकर आईपीएस अध ...और पढ़ें

    गाजियाबाद में IPS संजीव त्यागी की मां से ठगी की कोशिश
    गाजियाबाद में IPS संजीव त्यागी की मां से ठगी की कोशिश

    गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। अयोध्या में एसपी क्षेत्रीय अभिसूचना आईपीएस संजीव त्यागी की मां राजकुमारी त्यागी से साइबर जालसाजों ने ठगी का प्रयास किया। भतीजा बनकर फोन किया और 9.70 लाख रुपये भेजने का झांसा दिया और फिर ढाई लाख रुपये वापस मांगे।

    भतीजा बनकर आरोपी ने किया कॉल

    हालांकि, उन्होंने समय रहते संजीव त्यागी को फोन कर इस बारे में बता दिया, जिस कारण ठग के मंसूबे कामयाब नहीं हो पाए। राजनगर सेक्टर-दो में रहने वाली राजकुमारी ने बताया कि एक अगस्त की सुबह उन्हें अनजान नंबर से फोन आया। कॉलर ने खुद को रमन (उनका भतीजा) बताते हुए कहा कि बुआ मैं विदेश में हूं।

    आपके खाते में 9.70 लाख रुपये भेज रहा हूं। वह बोलीं कि बच्चे उन्हें पैसे भेजते हैं, जरूरत नहीं है तो ठग बोला कि आप रखे रहो। किसी न किसी काम आ जाएंगे। नहीं तो मैं ही जरूरत पड़ने पर वापस ले लूंगा। उन्होंने तुरंत बेटे संजीव त्यागी को फोन मिलाया तो उन्होंने कोई भी रकम किसी को भेजने से इनकार कर दिया। साथ ही कहा कि सीधे मामा को फोन करो।

    राजकुमारी ने अपने भाई को फोन किया और उनसे रमन का नंबर लेकर कॉल की तो रमन ने ऐसी कॉल करने से इनकार किया। इसी बीच उन्हें फिर अनजान नंबर से फोन आया कि बहनजी अभी रमन ने जो पैसे भेजे हैं, उनमें से ढाई लाख रुपये मेरे खाते में भेज दो। उन्होंने तुरंत फोन काट दिया। दोनों ही नंबर मुंबई के बताए गए हैं।

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    पुलिस ने शुरू की छानबीन

    साइबर सेल की जांच के बाद थाना कविनगर पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। साइबर जालसाज इन दिनों लोगों को करीबी बनकर फोन करते हैं और उन्हें पैसे भेजने की बात कहते हैं। झांसे में लेने के लिए पैसे क्रेडिट होने पर बैंक से आने वाले मैसेज को कापी पेस्ट कर पीड़ित के नंबर भेज देते हैं।

    बाद में यही रकम दूसरे खाते में भेजने को कहते हैं। विश्वास कर पीड़ित ठगों के नंबर पर पैसे भेज देते हैं। शुक्रवार को ही दारोगा रविंद्र सिंह के बेटे को झांसे में लेकर 50 हजार रुपये की ठगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इससे पहले सेवानिवृत्त एसडीओ से भी 94 हजार रुपये ठग लिए थे। ऐसे 50 से अधिक केस गाजियाबाद के अलग-अलग थानों में दर्ज हो चुके हैं।