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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ghaziabad: जीजा और उसके भाई ने चैंबर में घुसकर की थी वकील की हत्या, अब हुए गिरफ्तार; तमंचा और बाइक बरामद

    By Jagran NewsEdited By: Pooja Tripathi
    Updated: Thu, 31 Aug 2023 10:34 AM (GMT+05:30)

    गाजियाबाद के सिहानी गेट के तहसील परिसर में वकील के चैंबर में घुसकर उसकी हत्या के आरोपित जीजा और उसके भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अभी दो ...और पढ़ें

    मृतक मोनू चौधरी की फाइल फोटो और घटनास्थल का लोगों और पुलिस की भीड़।
    मृतक मोनू चौधरी की फाइल फोटो और घटनास्थल का लोगों और पुलिस की भीड़।

    गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। सिहानी गेट थाना क्षेत्र के तहसील परिसर में हुई अधिवक्ता मनोज चौधरी उर्फ मोनू हत्याकांड में पुलिस में दोनों मुख्य आरोपितों जीजा अमित डागर व उसके भाई नितिन डागर को गिरफ्तार कर लिया है।

    आरोपितों के पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा व बाइक बरामद की गई है। पुलिस अभी दोनों से पूछताछ कर रही है। दोपहर में प्रेसवार्ता कर पुलिस पूरी जानकारी देगी।

    तहसील में करते थे प्रैक्टिस

    बता दें कि गोविंदपुरम के रहने वाले अधिवक्ता मनोज तहसील परिसर में प्रैक्टिस करते थे। उनके जीजा अमित डागर व उसके छोटे भाई नितिन डागर ने बुधवार दोपहर चैंबर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी थी।

    मामले में मृतक की पत्नी ने पांच लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

    एक दिन पहले रच ली थी हत्या की साजिश

    अधिवक्ता मनोज चौधरी उर्फ मोनू की हत्या की साजिश उसके जीजा अमित डागर व उसके छोटे भाई नितिन डागर ने एक दिन पूर्व ही रच ली थी। इसके तहत दोनों ने तमंचे का इंतजाम किया।

    बुधवार सुबह ही अमित डागर अपने ग्रेटर नोएडा ऑफिस पहुंच गया और पुलिस से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन ऑफिस में ही छोड़ दिया।

    मुंह पर नकाब बांध घुसे वकील के चैंबर में

    वह साले के चैंबर के पड़ोस में अपने भाई नितिन डागर के चैंबर पर पहुंचा और नितिन को तमंचा देकर मनोज चौधरी को गोली मारने के लिए कहा। इसके बाद दोनों ने मुंह पर नकाब बांधा और बेधड़क चैंबर में घुसकर मनोज की कनपटी पर तमंचा सटाकर गोली मार दी।

    इस घटनाक्रम को दोनों ने इतनी जल्दी अंजाम दिया कि न तो मनोज चौधरी अपना बचाव कर सके और न ही चैंबर में मौजूद तीन अन्य लोग समझ पाए कि यह क्या हो गया।

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