यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अब आईटीआर भरने वाले किसानों को मिलेगा PM Kisan Samman Nidhi का लाभ, सरकार ने दिए आदेश
PM Kisan Samman Nidhi अब जो किसान आयकर रिर्टन भरते हैं। उनके लिए जरूरी खबर है। यूपी सरकार अब उन्हें भी पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दे रही है। ...और पढ़ें

HighLights
- गाजियाबाद में करीब दो हजार किसानों को नहीं मिल रहा है योजना का लाभ।
- आयकर देने वाले किसानों को योजना से रखा गया है बाहर।
आदित्य त्रिपाठी, गाजियाबाद। अब आयकर रिर्टन भरने वाले किसानों को भी पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिलेगा। बशर्ते वह आयकरदाता न हों। केंद्र सरकार ने किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी।
इसमें किसानों को एक साल में छह हजार रुपये दिए जाते हैं। यह पैसा तीन किस्तों में किसानों के खाते में आता है। यानी हर किस्त को 4 महीनों के अंतराल पर केंद्र सरकार की ओर से जारी किया जाता है।
आयकर रिर्टन भरने वालों को मिले इस योजना का लाभ-सरकार
अभी हाल ही में सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में यह निर्देश जारी किए हैं कि जो किसान आयकर रिर्टन भरते हैं लेकिन वे आयकरदाता नहीं है तो उन्हें इस योजना का लाभ दिया जाए।
सरकार ने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि कई किसानों ने पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। लेकिन उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जब उन्होंने इसकी जानकारी की तो पता चला कि वे आईटीआर भरते हैं।
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पीएम किसान सम्मान निधि योजना का मिलेगा लाभ
इस कारण उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया है। इस तरह की कई शिकायतें आने पर सरकार ने उनका संज्ञान लिया। गाजियाबाद जिले की बात करें तो करीब दो हजार किसान ऐसे हैं जिन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन तो किया लेकिन उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
यह सभी किसान आईटीआर भरते हैं। इसके चलते इनके आवेदन को रोक दिया गया था। लेकिन सरकार के नए निर्देश आने के बाद कृषि विभाग अब ऐसे किसानों की पहचान करने में जुट गया है जो आईटीआर तो भरते हैं लेकिन आयकर दाता नहीं है। इनकी पहचान होने के बाद इन्हें भी पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिया जाएगा।
गाजियाबाद में करीब दो हजार किसान हैं जिन्होंने पीएम किसान निधि योजना में आवेदन किया था, लेकिन उनको इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ये सभी किसान आईटीआर भरते थे। अब इनमें उन किसानों की पहचान की जा रही है जो आयकर दाता नहीं है। इसके बाद उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा।