पश्चिमी यूपी बना स्वाइन फ्लू का हॉटस्पॉट: तीन जिलों में 50 प्रतिशत केस, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
उत्तर प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है, जिसमें पश्चिमी यूपी के ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
HighLights
पश्चिमी यूपी में स्वाइन फ्लू के आधे मामले दर्ज।
गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, गाजियाबाद में सर्वाधिक एच1एन1 केस मिले।
स्वास्थ्य विभाग ने जांच, उपचार और जागरूकता अभियान तेज किया।
मदन पांचाल, गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) यानि स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में सामने आए कुल मामलों में करीब 50 प्रतिशत मरीज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तीन जिलों गौतमबुद्ध नगर, मेरठ और गाजियाबाद से हैं।
29 अगस्त को उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई स्वास्थ्य विभाग की बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में अब तक एच1एन1 के 551 प्रयोगशाला पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं। इनमें अकेले इन तीन जिलों में 275 मरीज मिले हैं।रिपोर्ट के अनुसार गौतमबुद्ध नगर में एच1एन1 के सर्वाधिक 189 केस मिले हैं।
इसके बाद लखनऊ में 113, मेरठ में 54 और गाजियाबाद में 32 मरीजों की पुष्टि हुई है। यानि गौतमबुद्ध नगर, मेरठ और गाजियाबाद को मिलाकर प्रदेश के कुल पुष्ट मामलों का करीब आधा हिस्सा है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 57 जिलों में एच1एन1 के मामले पाए गए हैं और छह जिलों में दोहरे अंक में केस रिपोर्ट हुए हैं।आइएलआइ और सारी रोगियों की निगरानी के निर्देश जारी कर दिये गये हैं।
जांच और इलाज पर ध्यान देना होगा
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में इन्फ्लुएंजा के कई हजार मरीजों के सैंपल प्रयोगशाला में परीक्षण किए जा चुके हैं। इनमें 551 नमूनों में एच1एन1 की पुष्टि हुई। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी और निजी चिकित्सा संस्थानों में जांच, उपचार और रिपोर्टिंग व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
अस्पतालों को किया गया अलर्ट
एच1एन1 के संदिग्ध और लक्षण वाले मरीजों की पहचान कर अलग से उपचार की व्यवस्था करने को कहा गया है। अस्पतालों में भर्ती सभी एसएआरआई मामलों की अनिवार्य रूप से एच1एन1 जांच कराने, पर्याप्त आरटीपीसीआर किट, ऑसेल्टामिविर और ब्रोंकोडायलेटर्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ऑक्सीजन प्लांट, कंसंट्रेटर और सिलिंडर समेत जरूरी संसाधनों को भी क्रियाशील रखने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने खांसी-बुखार वाले मरीजों में संक्रमण रोकने के लिए मास्क, हाथ धोने और खांसते समय सावधानी बरतने के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही अस्पतालों में भीड़ बढ़ने की स्थिति में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी के घंटे बढ़ाने की व्यवस्था रखने को कहा गया है।
प्रमुख लक्षण
अचानक तेज बुखार या ठंड लगना,सूखी खांसी, गले में खराश और बहती बंद नाक।सिरदर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में तेज दर्द और अत्यधिक थकान।बच्चों में विशेष लक्षण उल्टी या दस्त की समस्या।
बचाव के उपाय
खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल, टिश्यू या कोहनी से ढकें।बिना चिकित्सीय सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएं न लें।साबुन-पानी से बार-बार हाथ धोएं या अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर लगाएं।गंदे हाथों से आंख, नाक और मुंह को बार-बार न छुएं।
भीड़भाड़ या बंद जगहों पर मास्क का प्रयोग करें और वेंटिलेशन रखें।बीमार होने पर आफिस, स्कूल न जाएं या दूसरों से निकट संपर्क न बनाएं।पर्याप्त आराम करें और तरल पदार्थ (पानी, सूप, जूस) का सेवन करें।सार्वजनिक स्थानों पर खुले में न थूकें। उच्च जोखिम वाले व्यक्ति फ्लू वैक्सीन को अपने चिकित्सक से परामर्श लें।
29 अगस्त तक जिलों में मिले स्वाइन फ्लू के केसों का विवरण
| जनपद | केस |
|---|---|
| गौतमबुद्ध नगर | 189 |
| लखनऊ | 113 |
| मेरठ | 54 |
| गाजियाबाद | 32 |
| मुजफ्फरनगर | 11 |
| बुलंदशहर | 10 |
स्वाइन फ्लू से घबराने की जरूरत नहीं है। सावधानी बरतें। सोमवार से 1300 आशा कार्यकर्ता और 400 एएनएम के माध्यम से बड़े स्तर पर डोर टू डोर जन जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। आरडब्ल्यूए के माध्यम से क्या करें क्या न करें का प्रचार प्रसार कराया जायेगा। स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। - डॉ. आरके गुप्ता, जिला सर्विलांस अधिकारी
स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू (इन्फ्लुएंजा ए एवं एच1एन1) को लेकर सतर्क है। जिला अस्पताल में दस और सीएचसी में पांच बेड का वार्ड बनाने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं। निगरानी के लिये नोडल अधिकारी नामित कर दिये गये हैं। एक अगस्त से 29 अगस्त तक कुल 32 केस मिले हैं। इनमें एक केस हापुड़ का शामिल है। - डॉ. सचिन चंद्र वैश्य, सीएमओ
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