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WHO की टीम और पांच देशों के अधिकारियों ने सीखीं टीकाकरण व वैक्सीन के रखरखाव की बारीकियां

Published: Wed, 02 Sep 2026 01:32 PM (IST)

गाजियाबाद में सीवेज सैंपल में पोलियोवायरस मिलने के बाद डब्ल्यूएचओ की टीम और पांच देशों के स्वास्थ्य अधिकारियों ने टीकाकरण और वैक्सीन रखरखाव की बारीकियां सीखीं।

टीम में नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश और टीमोरलेस देश के 21 अधिकारी शामिल हैं। जागरण

टीम में नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश और टीमोरलेस देश के 21 अधिकारी शामिल हैं। जागरण

HighLights

  1. डब्ल्यूएचओ टीम ने गाजियाबाद में टीकाकरण अभियान और वैक्सीन प्रबंधन का अध्ययन किया।

  2. पांच देशों के स्वास्थ्य अधिकारियों ने वैक्सीन रखरखाव की महत्वपूर्ण बारीकियां सीखीं।

  3. सीवेज सैंपल में पोलियोवायरस मिलने के बाद विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया गया।

मदन पांचाल, गाजियाबाद। डूंडाहेड़ा स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के नमूने में वैक्सीन डिराइव्ड पोलियोवायरस (वी डीपीवी) टाइप-1 मिलने के दो महीने बाद डब्ल्यूएचओ की टीम और पांच देशों के 21 स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को गाजियाबाद पहुंचकर टीकाकरण से लेकर वैक्सीन के रखरखाव की बारीकियां सीखीं।

टीम में डब्ल्यूएचओ के कंट्री हेड डॉ. विशेष भी शामिल रहे। डब्ल्यूएचओ की टीम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से यह जानकारी ली कि उन्होंने अतिसंवेदनशील इलाकों में किस तरह अभियान चलाया और वैक्सीनेशन के लक्ष्य को कैसे पूरा किया।

टीम ने पहले सीएमओ कार्यालय में जिले भर के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों संग बैठक की। बैठक में ड्यू लिस्टिंग, वेब चिन्हीकरण एवं शून्य खुराक वाले बच्चों की पहचान करने तथा अन्य डिजिटल टूल्स को अपने यहां भी कियान्वित करने पर बल दिया।

चुनौतियों और सफलता से अवगत कराया

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने प्रतिनिधि मंडल को गाजियाबाद में चल रहे टीकाकरण, स्कूल टीकाकरण अभियान की कार्ययोजना, चुनौतियों और सफलता से अवगत कराया।

इसके बाद अधिकारी तीन टीमों में विभाजित होकर कैला भट्टा क्षेत्र स्थित चांदमारी की झुग्गियों, विजयनगर और सीएचसी डासना पहुंचे और स्थानीय अधिकारियों से टीकाकरण के बारे में जानकारी हासिल की।

टीम में शामिल पांच देशों के 21 अधिकारियों ने जिला ई-वैक्सीन स्टोर में जाकर टीकाकरण में उपयोग होने वाली वैक्सीन के रखरखाव के बारे में जाना।

टीम में नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश और तिमोर-लेस्ते देश के 21 अधिकारी शामिल रहे। बता दें कि पांच जून 2026 को जांच में पोलियो वायरस मिला था।

12 अतिसंवेदनशील इलाकों में घर-घर सर्वे और विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया गया। 26 जून तक डेढ़ लाख बच्चों का विवरण तैयार किया गया। सर्वे में पोलियो खुराक और टीकाकरण से एक हजार बच्चे वंचित मिले थे।

आउटरीच सत्र की सराहना की

टीम ने कोल्ड चैन व्यवस्था वैक्सीन स्टाक प्रबंधन में डिजिटल टूल्स के उपयोग और डाटा रिर्पोटिंग तंत्र का अवलोकन किया। इसके अलावा रजापुर ब्लाक विजयनगर चांदमारी झुग्गी एवं कैला भट्टा क्षेत्र में आयोजित आउटरीच टीकाकरण सत्र का भ्रमण किया।

जहां शून्य खुराक वाले बच्चों तक पहुंच की पहचान और सामुदायिक भागीदारी के माडल को सराहा गया। इस दौरान अर्बन नोडल डॉ. आरके गुप्ता, उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी जितेन्द्र मौजूद रहे।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सचिन चन्द्र वैश्य ने बताया कि डिजिटल सिस्टम मजबूत कोल्ड चैन और समर्पित फील्ड टीम एक साथ काम करते है तो प्रत्येक बच्चे तक सुरक्षित और प्रभावी टीका पहुंचाना संभव होता है।

घटना की शुरुआत: नगर निगम के डूंडाहेड़ा एसटीपी के सीवेज सैंपल में पोलियो वायरस की पुष्टि के बाद शासन स्तर पर उच्च अधिकारियों की बैठक हुई।

सर्वे और टीमें: जोखिम वाले 12 से अधिक प्रमुख क्षेत्रों (जैसे विजयनगर, कैलाभट्टा, राजनगर, घूकना आदि) में 100 से अधिक टीमों को डोर-टू-डोर सर्वे के लिए उतारा गया।

टीकाकरण लक्ष्य: शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों की पहचान कर उन्हें पोलियो ड्राप्स पिलाने और छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई गई।

निगरानी: इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग राज्य स्तरीय अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों द्वारा की गई।गाजियाबाद के 12 इलाकों के 5 साल तक के डेढ़ लाख बच्चे निशाने पर सर्वे शुरू।

स्वास्थ्य विभाग ने अतिसंवेदनशील 12 क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वे किया गया था।

28 जून को पोलियो अभियान के तहत छह लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई थी।