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वाराणसी में वायु सेना दिवस पर एयर शो के आयोजन के ल‍िए गाजीपुर में तैयार होगी अंधऊ हवाई पट्टी

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 22 Aug 2026 03:51 PM (IST)

गाजीपुर की अंधऊ हवाई पट्टी को वाराणसी में होने वाले वायु सेना दिवस एयर शो के लिए तैयार किया जा ...और पढ़ें

वाराणसी कार्यक्रम के मद्देनजर यहां की अंग्रेजों के जमाने की बनी हवाई पट्टी की सुध लेने की योजना बनाई गई है।

वाराणसी कार्यक्रम के मद्देनजर यहां की अंग्रेजों के जमाने की बनी हवाई पट्टी की सुध लेने की योजना बनाई गई है।

HighLights

  1. एयर शो 23 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 तक 

शिवानंद राय, जागरण, गाजीपुर। वायुसेना दिवस (आठ अक्टूबर) के अवसर पर वाराणसी में 23 से 25 अक्टूबर तक प्रस्तावित एयर शो के लिए गाजीपुर की अंधऊ हवाई पट्टी को तैयार किया जा रहा है। एयर शो के दौरान यहां लड़ाकू विमानों की लैंडिंग हो सकती है। एयर शो के अंतिम दिन 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भी शामिल होने की संभावना है।

20 से 22 अक्टूबर तक एयर शो का अभ्यास होगा। इसके मद्देनजर अंग्रेजों के जमाने में बनी इस हवाई पट्टी की मरम्मत की तैयारी शुरू की गई है। जिला प्रशासन के माध्यम से लोकनिर्माण विभाग ने हवाई पट्टी, रनवे और चारदीवारी की मरम्मत तथा लाइट व्यवस्था के लिए 14 करोड़ रुपये का प्रस्ताव नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेजा है।

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इसमें करीब 10 करोड़ रुपये रनवे व टूटी चारदीवारी की मरम्मत और चार करोड़ रुपये लाइट व्यवस्था पर खर्च होंगे। चारों तरफ और रनवे पर ऐसी लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे रात में भी विमान उतारा जा सके। अधिशासी अभियंता बीएल गौतम ने मंत्रालय को कार्य योजना भेजे जाने की पुष्टि की है।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान वर्ष 1941 में आपातकालीन लैंडिंग के लिए अंधऊ व शहबाजकुली में हवाई पट्टी में बनाई गई थी। अंधऊ में वर्तमान में 63 एकड़ में फैला यह परिसर भारतीय रक्षा संपदा विभाग की भूमि पर बना है। 

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4,800 फीट (1,463 मीटर) लंबा इसका रनवे छोटे विमानों के लिए उपयोगी है। अंधऊ हवाई पट्टी परिसर की शेष 272.25 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण कर लोगों ने मकान बनवा लिए हैं या खेती कर रहे हैं। अंतिम बार 10 फरवरी 2016 को तत्कालीन पंचायती राजमंत्री कैलाश यादव का पार्थिव शरीर लेकर यहां विमान उतरा था।

प्रदेश की सपा सरकार में मंत्री रहे अंबिका चौधरी का हेलीकाप्टर भी यहां उतर चुका है। अभी पूरा क्षेत्र बदहाल स्थिति में है और चारों तरफ घास उगी है। लंबे समय से साफ-सफाई नहीं हुई है। मुख्य गेट पर ताला लगा है, जबकि टूटी चारदावीरी से बच्चे शाम को अंदर जाकर खेलते हैं।