आजमगढ़-गाजीपुर हाईवे के पास बंद रेलवे फाटक पर बनेगा ओवरब्रिज, जल्द मकानों को भेजा जाएगा नोटिस
दुल्लहपुर रेलवे फाटक पर प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज के निर्माण से बाजार में खुशी और चिंता दोनों है। एसडीएम ने स्थलीय ...और पढ़ें

आजमगढ़-गाजीपुर हाईवे पर दुल्लहपुर के बंद रेलवे फाटक पर बनेगा ओवरब्रिज।
HighLights
दुल्लहपुर रेलवे फाटक पर प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया शुरू।
एसडीएम ने प्रभावित मकानों को नोटिस भेजने के निर्देश दिए।
निवासियों को विस्थापन और उचित मुआवजे की चिंता सता रही है।
जागरण संवाददाता, दुल्लहपुर (गाजीपुर। आजमगढ़-गाजीपुर राजमार्ग-67 पर दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन के पास फाटक संख्या 11 पर प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज के निर्माण की कवायद तेज होते ही बाजार में कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल है। एसडीएम ने राजस्व टीम के साथ स्थलीय निरीक्षण कर मकानों को नोटिस भिजवाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, आरओबी की जद में आने वाले मकानों और दुकानों के मालिकों को अपना आशियाना उजड़ने की चिंता सताने लगी है।
बहुप्रतीक्षित आरओबी के निर्माण की प्रक्रिया लगभग पूरी होने की ओर है।
गुरुवार को एसडीएम जखनिया अतुल कुमार और सीओ रामकृष्ण तिवारी ने दुल्लहपुर बाजार का भौगोलिक निरीक्षण किया। एसडीएम ने लेखपाल सौरभ सिंह को सरकारी और निजी जमीनों का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।
पहले दोनों तरफ की सड़कों का लेआउट तैयार किया जाएगा। इसके बाद आरओबी की जद में आने वाले मकानों और जमीनों को चिह्नित किया जाएगा।
एसडीएम ने बताया कि प्रस्तावित आरओबी की चौड़ाई करीब 22 मीटर होगी। इसकी जद में आने वाले मकानों को नोटिस दिया जाएगा। सरकारी जमीन पर बने मकानों के लिए नियमानुसार केवल निर्माण लागत दिए जाने की बात कही गई, जबकि निजी भूमि और मकानों का आकलन कर मुआवजे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
जद में आने वाले दुकानदार व मकानस्वामी चिंतित
बाजार के पुराने बाशिंदों की चिंता भी कम नहीं है। उनका कहना है कि आरओबी का दायरा करीब 350 मीटर तक होने पर मुख्य बाजार का बड़ा हिस्सा इसकी जद में आ सकता है। इससे वर्षों से कारोबार कर रहे दुकानदारों के सामने विस्थापन का संकट खड़ा हो सकता है।
लंबे इंतजार के बाद आरओबी की उम्मीद जगी है। ऐसे में स्थानीय लोगों को विश्वास है कि निर्माण से विकास और यातायात को नई रफ्तार मिलेगी, लेकिन प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास भी सुनिश्चित किया जाएगा।
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