गाजीपुर में जमीन विवाद को लेकर तहसील पहुंचा परिवार, एसडीएम की गाड़ी के आगे लेटा सदस्य
गाजीपुर में जमीन विवाद से परेशान एक परिवार ने सदर तहसील में प्रदर्शन किया और एसडीएम की गाड़ी रोकने की ...और पढ़ें

एसडीएम के गाड़ी के आगे बैठ कर प्रदर्शन करते पीड़ित परिवार के सदस्य।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। जमीन विवाद में कार्रवाई न होने का आरोप लगाकर मुगलानी चक निवासी संजीव चौहान उर्फ संजीत ने गुरुवार शाम सदर तहसील में परिवार के साथ ऐसा प्रदर्शन किया कि कुछ देर के लिए प्रशासनिक परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
एसडीएम कोर्ट के सामने धरने पर बैठे परिवार के सदस्यों ने एसडीएम की गाड़ी बाहर निकलने पर उसे रोकने का प्रयास किया। कुछ लोग गाड़ी के आगे लेट गए और जान देने की बात कहने लगे। स्थिति बिगड़ती देख सदर एसडीएम गाड़ी से उतरकर तहसीलदार के कार्यालय में चले गए। बाद में पहुंची कोतवाली पुलिस प्रदर्शनकारियों को थाने ले गई।
परिवार का आरोप था कि लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद में उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। प्रदर्शनकारी संबंधित जमीन पर हो रहे निर्माण को तत्काल रुकवाने और मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे थे। घटना के बाद तहसील परिसर में काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। हालांकि कुछ देर बाद ही पुलिस प्रदर्शन कर रहे परिवार के सदस्यों को थाने ले गई।
पहले टावर पर चढ़कर भी जताया था विरोध
संजीत इससे पहले भी इसी जमीन विवाद को लेकर तहसील परिसर में विरोध जता चुके हैं। एक जून को उन्होंने एसडीएम कार्यालय के पास स्थित वायरलेस टावर पर चढ़कर प्रदर्शन किया था। उस दौरान उन्होंने राजस्व न्यायालयों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हो रही और उनकी जमीन पर दूसरे पक्ष को कब्जा दिला दिया गया है।
अधिकारियों और पुलिस के समझाने के बावजूद वह जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे थे। संजीत ने कहा कि टावर पर चढ़कर विरोध जताने के बाद भी उनके मामले का समाधान नहीं हुआ। इसी को लेकर परिवार के साथ एसडीएम कोर्ट के सामने धरना दिया गया।
परिवार की मांग संबंधित जमीन पर हो रहे निर्माण को रुकवाने की थी। उन्होंने कहा कि निर्माण रोकने का कोई स्थगन आदेश (स्टे) नहीं है और संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में उनके स्तर से न्यायालय की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना संभव नहीं है। पूर्व में परिवार का दावा निरस्त किया जा चुका है। इसके बाद उन्हें कमिश्नरी में अपील करनी थी, लेकिन वहां अपील के बजाय रजिस्ट्रेशन से संबंधित मुकदमा दाखिल किया गया है, जो वर्तमान में विचाराधीन है। न्यायालय में लंबित मामले में नियमानुसार ही कार्रवाई की जाएगी। -विनोद जोशी, एसडीएम सदर।
