अब किसानों को फार्मर आईडी से मिलेगी खाद की सुविधा, गांव-गांव जाकर किया जा रहा रजिस्ट्रेशन
किसानों को अब किसान आईडी के माध्यम से खाद मिलेगी। यह आईडी खेत के खाता नंबर और रकबा को आधार से जोड़कर बनाई जा रही है। ...और पढ़ें

अब किसानों को फार्मर आईडी से मिलेगी खाद की सुविधा। AI जेनेरेटेड फोटो

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जागरण संवाददाता, खानपुर (गाजीपुर)। किसानों को अब किसान आईडी के माध्यम से ही खाद देने की व्यवस्था बनायी जा रही है। कृषि संबंधी विभिन्न अनुदान एवं योजनाओं का लाभ भी किसान आईडी से ही दिया जाएगा। किसानों के खेत के खाता नंबर और रकबा को आधार से लिंक करके गांव-गांव किसान रजिस्ट्री की जा रही है।
इस रजिस्ट्री से किसानों को एक आईडी मिलती है। यही आईडी अब उनकी कृषक पहचान बन रहा है। ऐसे में खाद की बिक्री में भी अब किसान आईडी अनिवार्य करने की तैयारी है।
सहकारी गोदाम से ई-पॉस मशीन के जरिए खाद खरीदते वक्त किसानों की आईडी डाली जाएगी। जिससे पता चल जाएगा कि किसान इससे पहले कितनी खाद खरीद चुका है।
अप्रैल तक शत प्रतिशत किसानों की आईडी तैयार करने के लिए गांवों में शिविर लगाए जा रहे हैं। एडीसीओ दीपक वर्मा ने बताया कि किसान आईडी के जरिए खाद देने की योजना एक जून से लागू करने की तैयारी है। अगले माह तक शत प्रतिशत आईडी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
अब खाद ही नहीं किसान सम्मान निधि व अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी किसान आईडी जरूरी हो जायेगी। किसान आईडी के जरिए खाद देते वक्त भी उचित संख्या का मानक लागू किया जाएगा। सभी किसानों को कृषि लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराने और आईडी सुरक्षित करने को जागरूक किया जा रहा है।