गाजीपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, रेवतीपुर-खानपुर में बढ़ी मुश्किलें, प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
गाजीपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 63.105 मीटर से ऊपर 63.260 मीटर पर पहुंच गया है, जिससे जिले ...और पढ़ें
HighLights
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 63.105 मीटर से ऊपर।
रेवतीपुर-खानपुर में बाढ़ से सड़कें जलमग्न, आवागमन प्रभावित।
रिहायशी इलाकों में पानी घुसने की आशंका, फसलें बर्बाद।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जिले में पहुंच चुका है। वहीं रेवतीपुर-खानपुर में बाढ़ की वजह से मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। जबकि गाजीपुर में गंगा का लगातार बढ़ते जलस्तर ने जिले में बाढ़ की स्थिति को और गंभीर कर दिया है।
मंगलवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 63.260 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के बिंदु 63.105 मीटर से ऊपर है। जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव जिले में जारी है। रेवतीपुर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी सड़कों पर भर जाने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है और मुख्यालय से संपर्क कट गया है।
वहीं दूसरी ओर खानपुर में गंगा और गोमती का पानी रिहायशी इलाकों में पहुंचने लगा है। घरों में पानी घुसने की आशंका के बीच लोग जरूरी और कीमती सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। जबकि निचले इलाकों के खेतों में पानी भरने से फसल बर्बाद होने की उम्मीद बढ़ गई है। जबकि हरे चारे का भी पशुओं के लिए अभाव शुरू हो चुका है।
जिले में बाढ़ से जुड़े प्रमुख आंकड़ों के अनुसार यहां पर सामान्य जलस्तर 59.906 मीटर है और चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर है। जबकि खतरा बिंदु 63.105 मीटर है। वहीं वर्तमान जलस्तर 63.260 मीटर है और अब तक उच्च बाढ़ स्तर 65.220 मीटर दर्ज किया जा चुका है। बीते वर्ष 2025 का उच्चतम जलस्तर 64.690 मीटर रहा है। वहीं अब जलस्तर बढ़ने की रफ्तार एक सेमी प्रति घंटा है। वर्तमान स्थिति यह है कि गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और जलस्तर में लगातार बढ़ाव दर्ज किया जा रहा है।
