Updated: Tue, 16 Jul 2024 04:00 PM (GMT+05:30)
IPS Transfer शासन ने हाल में ही कई आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। गाजीपुर में आईपीएस अधिकारी डॉ. ईरज राजा को बतौर पुलिस अधीक्षक कमान सौंपी गई। क ...और पढ़ें
संवाद सहयोगी, गाजीपुर। नवागत पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा रविवार की देर रात अपना पदभार ग्रहण करते हुए एक्शन में आ गए। शहर की सड़कों पर अचानक घूमने निकल पड़े। इसकी जानकारी मिलते ही सीओ सिटी सुधाकर पांडेय और शहर कोतवाल दीनदयाल पांडेय भी पहुंच गए। इनके साथ पुलिस अधीक्षक ने शहर के लंका, विकास भवन चौराहा सहित कई मोहल्लों में पहुंचे।
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए मातहतों को आवश्यक निर्देश दिया। इसके बाद बिना किसी को बताए ही वह अचानक सुहवल थाना पहुंच गए। एसपी के कड़े तेवर से पूरे पुलिस महकमे में खलबली मच गई।
नवागत पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा मुलरूप से आगरा के गढ़ी भदौरिया के रहने वाले हैं। उनकी प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा अलीगढ़ से हुई और वर्ष 2011 में मेरठ से एमबीबीएस की परीक्षा पास की। बिजनौर में चिकित्सा अधिकारी के पद पर रहने के दौरान सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी। इसके बाद वर्ष 2017 में उनका चयन आइपीएस के लिए हुआ। आइपीएस बनने के बाद उन्हें पहली तैनाती लखनऊ में मिली। इसके बाद मेरठ में एएसपी रहे। यहां से फिर गाजियाबाद ग्रामीण क्षेत्र का कार्यभार संभाला। वर्ष 2023 में जालौन में पहली बार पुलिस अधीक्षक का पदभार संभाला।
जिले में बतौर पुलिस अधीक्षक इनकी दूसरी पोस्टिंग है। जिले का चार्ज मिलने पर रविवार की रात पहुंचे और अपना पदभार ग्रहण किया। शहर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ही सुहवल थाना पहुंचे। अचानक नवागत एसपी को देखकर संबंधितों में खलबली मच गई। उन्होंने थाने के रजिस्टर को चेक किया। निर्देश दिया कि एफआइआर दर्ज करने में कोई आनाकानी ना हो।
दो या इससे अधिक मुकदमा वाले किए जाएंगे चिह्नित
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता जनसुनवाई है। बताया कि हमारा प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक मामले को थाने स्तर पर ही समाप्त कर दिया जाए, इसके लिए सभी निर्देशित करने के साथ ही प्लान तैयार किया जाएगा। एफआइआर रजिस्ट्रेशन तुरंत हो, इसकी भी व्यवस्था रहेगी। महिला संबंधी अपराध पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बताया कि जिले में दस वर्षों का डाटा इकट्ठा किया जाएगा, इसमें जिसके ऊपर दो या इससे अधिक मुकदमा है और वह अभी भी सक्रिय हैं, उनको चिह्नित किया जाएगा। उनके ऊपर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। क्राइम मीटिंग में उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को डाटा इकट्ठा करने को निर्देशित भी कर दिया है। अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे लोग अगर जनपद में हैं तो वह शांति से रहें या फिर जनपद छोड़ दें। इनको किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।