गाजीपुर में कालूपुर गंगा तट पर कम जलस्तर के कारण फंसा जलपोत वाराणसी के लिए हुआ रवाना
गाजीपुर के कालूपुर गंगा तट पर एक महीने से फंसा मालवाहक जलपोत ड्रेजिंग और जलस्तर सामान्य होने के बाद वाराणसी के लिए रवाना हो गया। यह जलपोत कम जलस्तर के ...और पढ़ें

गाजीपुर में गंगा में फंसा मालवाहक जलपोत एक महीने बाद वाराणसी के लिए चला।
HighLights
गाजीपुर में फंसा मालवाहक जलपोत वाराणसी के लिए रवाना।
कम जलस्तर के कारण एक महीने से गंगा में फंसा था।
ड्रेजिंग और जलस्तर बढ़ने से सुरक्षित निकाला गया।
जागरण संवाददाता, रेवतीपुर (गाजीपुर)। कालूपुर गंगा तट के सामने गंगा नदी में पिछले लगभग एक महीने से फंसा खाली मालवाहक जलपोत सोमवार सुबह वाराणसी के लिए रवाना हो गया। ड्रेजिंग और गंगा नदी का जलस्तर सामान्य होने के बाद इसे सुरक्षित निकाला जा सका। जलपोत पर करीब आधा दर्जन क्रू मेंबर सवार हैं।
यह मालवाहक पोत पिछले महीने कोलकाता से वाराणसी के लिए रवाना हुआ था। गाजीपुर में हमीद सेतु से पहले कालूपुर गंगा तट के सामने नदी में जलस्तर काफी कम होने के कारण यह बीच धारा में फंस गया था। जलपोत के फंसने की सूचना मिलने के बाद भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण मुख्यालय में हलचल मच गई थी।
दरअसल, आगामी अक्टूबर में विदेशी पर्यटकों को लेकर लक्जरी क्रूज गंगा विलास को भी इसी जलमार्ग से कोलकाता से वाराणसी तक जाना है। इस घटना ने पूर्व में की गई ड्रेजिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।प्राधिकरण ने बीते शुक्रवार से कटर सक्शन ड्रेजर मशीन की मदद से नदी के मार्ग में जमा रेत को हटाने और गहरा करने का कार्य शुरू कराया था।
लगातार ड्रेजिंग और जलस्तर में सुधार के बाद जलपोत को सुरक्षित आगे बढ़ाने में सफलता मिली। एक कटर सक्शन ड्रेजर मशीन इसे एस्कॉर्ट कर रही है, जो मार्ग में आने वाली रेत और अन्य बाधाओं को हटाती हुई चल रही है।यह मालवाहक जलपोत लगभग 55 मीटर लंबा, 10 मीटर चौड़ा और करीब 300 टन वजनी है। इसे वाराणसी में निर्माणाधीन फ्लोटिंग जेट्टी परियोजना से जुड़े कार्यों के लिए ले जाया जा रहा था।