गाजीपुर में पानी बढ़ने के बाद गंगा के टापू पर फंसे 12 चरवाहों और 2000 से अधिक भेड़ों को सकुशल बचाया गया
गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से एक टापू पर फंसे 12 चरवाहों और 2000 से अधिक भेड़ों को ...और पढ़ें
HighLights
गंगा के टापू पर फंसे 12 चरवाहे, 2000 भेड़ें।
पुलिस-प्रशासन ने ड्रोन से लोकेशन ट्रेस कर बचाया।
छह घंटे के अथक अभियान में सभी सुरक्षित।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। लगातार रह रहकर हो रही भारी बारिश की वजह से अब नदियां उफान पर हैं और गंगा में बाढ़ के खतरे के बीच पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा जिले में टल गया। बीते 30 अगस्त की रात सूचना मिली कि गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के कारण ग्राम डूहिया सरैया, थाना सुहवल के पास नदी के टापू पर कई चरवाहे अपनी भेड़ों के साथ फंस गए हैं।
जानकारी होने के बाद रात में ही पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी नगर तथा पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ददरी घाट पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। रात के अंधेरे में टापू पर फंसे लोगों और भेड़ों की सही स्थिति का पता लगाने के लिए रात्रि दृष्टि क्षमता वाले ड्रोन कैमरे की मदद ली गई।
बताया गया कि ड्रोन के माध्यम से 12 चरवाहों और करीब 2000 से 2500 भेड़ों की स्थिति और लोकेशन चिन्हित की गई। इसके बाद बाढ़ राहत कंपनी पीएसी, पुलिस टीम, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नाविकों की मदद से युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। करीब छह घंटे तक चले जोखिम भरे और अथक बचाव अभियान के बाद सभी 12 चरवाहों और 2000 से अधिक भेड़ों को बिना किसी जनहानि के सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पुलिस और प्रशासन की तत्परता से समय रहते सभी लोगों और पशुओं की जान बचाई जा सकी। स्थानीय ग्रामीणों और चरवाहों ने गाजीपुर पुलिस एवं प्रशासन की त्वरित कार्रवाई तथा जीवन रक्षा के लिए किए गए प्रयासों की प्रशंसा की। वहीं पुलिस की ओर से ड्रोन जैसे उपकरणों का अंधेरे में बाढ़ और बारिश के बीच के दुर्गम हालातों में भी प्रयोग कर जान बचाने की वजह से पुलिस प्रशासन का हौसला भी काफी बढ़ा है।
