गोंडा में नहीं मिला आईडी और पासवर्ड, मंडल के 200 गांवों में नहीं खुल सके आधार केंद्र
पंचायतीराज विभाग ने देवीपाटन मंडल की 200 ग्राम पंचायतों में आधार केंद्र खोलने का निर्णय लिया था। छह माह पूर्व पंचायत सहायकों को प्रशिक्षित किया गया, प ...और पढ़ें

आईडी और पासवर्ड न मिलने से मंडल के 200 गांवों में नहीं खुल सके आधार केंद्र।
HighLights
200 ग्राम पंचायतों में आधार केंद्र नहीं खुले।
आईडी-पासवर्ड न मिलने से संचालन अटका।
ग्रामीणों को आधार बनवाने जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा।
संवाद सूत्र, गोंडा। आधार के लिए गांवों में लोगों को न भटकना पड़े, इसके लिए पंचायतीराज विभाग ने देवीपाटन मंडल की 200 ग्राम पंचायतों में आधार केंद्र की स्थापना कराने का निर्णय लिया था। छह माह पूर्व गोंडा, बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती जिले में 50-50 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया था।
विभाग ने केंद्र संचालन के लिए सितंबर में पंचायत सहायकों का प्रशिक्षण भी करा दिया था, लेकिन आईडी व पासवर्ड अभी तक जारी नहीं हो सका है। आधार बनवाने के लिए ग्रामीणों को जिला मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
गांवों में आधार कार्ड बनाने की सुविधा न होने से लोगों को जिला मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन व स्कूलों में नामांकन को लेकर आधार अनिवार्य कर दिया गया है। अभी काफी संख्या में बच्चों के आधारकार्ड नहीं बने हैं।
यही नहीं, आधारकार्ड में नाम, पता, जन्मतिथि व मोबाइल नंबर गलत दर्ज होने के कारण संशोधन के लिए लोगों को चक्कर लगाना पड़ता है। ग्राम पंचायत स्तर पर नए आधारकार्ड बनाने व संशोधन की सुविधा न होने से नागरिक मंडल मुख्यालय पर लाइन लगाने को विवश हैं।
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पंचायतीराज विभाग ने ग्राम पंचायत स्तर पर नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी व आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सामान्य सेवा केंद्र की स्थापना कराई है। इन केंद्रों का संचालन पंचायत सहायक करते हैं।
ग्राम पंचायतों की आय में वृद्धि व नागरिकों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अब आधारकार्ड केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
प्रथम चरण में प्रत्येक जिले की 50-50 उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। डीपीआरओ लालजी दुबे का कहना है कि आधार केंद्र के लिए जल्द आईडी व पासवर्ड मिलने की उम्मीद है।
आधारकार्ड के लिए छह माह पूर्व ग्राम पंचायतों का चयन किया गया था। पंचायत सहायकों का प्रशिक्षण भी हो चुका है, लेकिन आईडी व पासवर्ड जारी नहीं हो सका है। जिससे केंद्र का संचालन नहीं हो सका है। ग्रामीणों को आधार बनवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। -उमापति त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष ग्राम प्रधान संगठन।