गोंडा में मगरमच्छ के हमले में घायल किसान की उपचार के दौरान मौत, परिवार ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
गोंडा में घाघरा नदी किनारे मगरमच्छ के हमले में घायल किसान भानु चौहान की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय के डॉक्टरों पर इ ...और पढ़ें
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HighLights
मगरमच्छ के हमले में घायल किसान की उपचार के दौरान मौत।
परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया।
संक्रमण फैलने से हुई किसान भानु चौहान की दुखद मृत्यु।
संवाद सूत्र, उमरी बेगमगंज (गोंडा)। घाघरा नदी के किनारे मगरमच्छ के हमले में घायल हुए किसान की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिवारीजन ने मेडिकल कालेज से संबद्ध बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय के चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। 24 जून को सोनौली मोहम्मदपुर स्थित घाघरा नदी के तट पर भानु निवासी निश्चिंत पुरवा बाढ़ राहत कार्य के लिए बनाए जा रहे पक्के स्पर को देखने गए थे।
इसी दौरान नदी में छिपे मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया और उनके पैर को अपने जबड़ों में दबोचकर नदी की ओर खींचने लगा। मौके पर मौजूद श्रमिकों ने हथौड़े से मगरमच्छ पर प्रहार किया, जिसके बाद भानु को बाहर निकाला जा सका। घायल भानु को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिवारवालों ने क्या बताया?
परिवारीजन के अनुसार अस्पताल में कई दिनों तक उनका इलाज चलता रहा, लेकिन घाव की समुचित देखभाल नहीं हुई। धीरे-धीरे उनके पैर में संक्रमण फैलने लगा और स्थिति बिगड़ती गई। जब हालत गंभीर हुए, तब चिकित्सक ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया।
लखनऊ मेडिकल कालेज में चिकित्सक ने बताया कि भानू को (सेप्टिसीमिया) संक्रमण हो गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। भानु चौहान अपने पीछे पांच बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनमें दो लड़के और तीन लड़कियां हैं। गांव में शोक का माहौल है और लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है।