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    गोंडा में बेटियों के लिए साइंस पढ़ाई की राह हुई आसान, मिलेगी फ्री आवासीय शिक्षा

    Updated: Fri, 26 Jun 2026 04:20 PM (IST)

    गोंडा में बेटियों को इंटरमीडिएट की साइंस पढ़ाई के लिए अब दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा। पांच विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी आवासीय इंटर कॉलेज शुरू हुए है ...और पढ़ें

    पांच ब्लॉकों में शुरू हुए कस्तूरबा गांधी आवासीय इंटर कॉलेज।

    पांच ब्लॉकों में शुरू हुए कस्तूरबा गांधी आवासीय इंटर कॉलेज।

    HighLights

    1. पांच विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी इंटर कॉलेज शुरू।

    2. छात्राओं को मिलेगी मुफ्त आवासीय विज्ञान वर्ग की शिक्षा।

    3. आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षित माहौल में पढ़ाई का अवसर।

    संवाद सूत्र, गोंडा। अब बेटियों को इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन करने की मजबूरी खत्म हो जाएगी। जिले में बालिका शिक्षा को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से पांच विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी आवासीय इंटर कालेजों का संचालन शुरू हो गया है। यहां छात्राओं को विज्ञान वर्ग के साथ निश्शुल्क आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

    अब तक संसाधनों की कमी, लंबी दूरी और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण कई छात्राएं हाईस्कूल के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाती थीं, लेकिन अब उन्हें अपने ही जिले में सुरक्षित माहौल और आधुनिक सुविधाओं के बीच आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

    विद्यालयों में भोजन, आवास, सुरक्षा और अध्ययन सामग्री की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि छात्राएं बिना किसी चिंता के पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें।

    विकास खंड वजीरगंज, झंझरी, बभनजोत, कटरा बाजार और हलधरमऊ में शुरू हुए इन आवासीय इंटर कॉलेजों में शिक्षा के साथ छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष जोर होगा। विद्यालयों में भोजन, आवास, सुरक्षा और अध्ययन सामग्री की समुचित व्यवस्था की गई है। विज्ञान वर्ग की पढ़ाई को प्रभावी बनाने के लिए प्रयोगशालाओं को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा।

    कालेजों के संचालन के लिए पांच प्रधानाचार्यों, 29 प्रवक्ताओं (पीजीटी), 15 लैब टेक्नीशियन समेत अन्य कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। विभाग का दावा है कि छात्राओं को शहरी स्तर की शैक्षिक सुविधाएं गांव के नजदीक ही मिलेंगी।

    जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि इससे जिले में बालिका शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब गांव की बेटियां भी विज्ञान विषयों की पढ़ाई आधुनिक संसाधनों के साथ कर सकेंगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर आधार तैयार होगा। इन विद्यालयों में नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है।

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