गोंडा: खतरे के निशान के करीब पहुंचीं सरयू- घाघरा, बारिश और बैराजों के पानी से फिर बिगड़ने लगे हालात
गिरिजा और शारदा बैराज से पानी छोड़े जाने तथा बारिश के कारण गोंडा में सरयू-घाघरा नदियां खतरे के निशान के ...और पढ़ें

नदियों का बढ़ा जलस्तर।
जागरण संवादादाता, गोंडा। गिरिजा व शारदा बैराज से लगातार अधिक पानी छोड़े जाने के कारण एक बार फिर से सरयू-घाघरा नदी बढ़ने लगी हैं। एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी 20 सेंटीमीटर व अयोध्या में अयोध्या में सरयू नदी 26 सेंटीमीटर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन वे दोनों लाल निशान छूने को बेकरार हैं। दोनों नदियों में ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।मजलस्तर ऐसे ही बढ़ा तो नवाबगंज के दत्तनगर व साखीपुर के विभिन्न गावों में फिर से कटान शुरू हो जाएगी।
ढेमवाघाट में दत्तनगर के बाणी माझा साखीपुर के बाणी माझा, शुकुलपुरवा, चहलावा, तुलसीपुर माझा के अठाईसा, गोकुला समेत दस गांवों में कटान थमी हुई है लेकिन डूब चुकी फसलें सड़ रही हैं। जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो फिर से सरयू नदी अपने अगल-बगल के खेत समेत फसलें अपने में समाहित करना शुरू कर देगी।
नदियों का जलस्तर बढ़ा तो नकहरा के नौ गांव प्रभावित होने की आशंका है। ये सभी गांव बांध के अंदर बसे हैं। इनके अलावा करीब एक हजार बीघा फसल फिर से डूब जाएगी जबकि एक हजार पहले ही डूब कर बर्बाद हो चुकी है। अब नुकसान का दायरा फिर से बढ़ने की आशंका से लोग सहमे हुए हैं। बाढ़ कार्य खंड के सहायक अभियंता पंकज आर्या ने बताया कि बारिश होने के चलते बैराजों से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नदियों का थोड़ा जलस्तर बढ़ा है लेकिन, स्थिति सामान्य है। तटबंधों की निगरानी की जा रही है।
