AIIMS में एक्सरे के लिए नहीं लगानी पड़ेगी लाइन, प्रशासन ने खरीद रहा Digital X Ray मशीन
गोरखपुर एम्स में एक्सरे सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक और डिजिटल एक्सरे मशीन खरीदी जा रही है। इससे मरीजों को एक्सरे कराने में सुविधा होगी और इंतजार न ...और पढ़ें

HighLights
- एम्स गोरखपुर में नई एक्सरे मशीन |
- मरीजों को एक्सरे में मिलेगी सुविधा |
- ओपीडी में डॉक्टरों की जानकारी उपलब्ध |
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। एम्स गोरखपुर में आने वाले दिनों में एक्सरे के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। एम्स प्रशासन ने एक और डिजिटल एक्सरे मशीन की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका सीधा लाभ रोगियों को मिलेगा। उन्हें एक्सरे के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। ओपीडी के कमरा नंबर 19 में नई एक्सरे मशीन लगाई जाएगी। अभी कमरा नंबर 17 में मशीन लगी है। 18 नंबर कमरा में कर्मचारी बैठते हैं। एम्स में 255 रुपये में डिजिटल एक्सरे होता है।
एम्स गोरखपुर में एक डिजिटल एक्सरे मशीन है। रोगियों की सहूलियत के लिए यहां 24 घंटे एक्सरे की सुविधा है लेकिन एक मशीन होने के कारण रोगियों को काफी समय इंतजार करना पड़ता है। ओपीडी शुरू होने के बाद एक्सरे के लिए लाइन लगने लगती है। सबसे ज्यादा रोगी हड्डी और सीना रोग विभाग के होते हैं।
एक्सरे में देर होने के कारण कई रोगियों को वापस घर जाना पड़ता है तो ज्यादातर निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में चले जाते हैं। कुछ ऐसे भी रोगी होते हैं जिन्होंने रुपये जमा कर दिए लेकिन देर होने के कारण एक्सरे नहीं हो पाता है। ऐसे रोगियों को रुपये वापस लेने में भागदौड़ करनी पड़ती है। रोगियों की सहूलियत के लिए एम्स प्रशासन ने एक और मशीन खरीदने का निर्णय लिया है।
टीवी स्क्रीन पर दिख रहा डाक्टरों का नाम
रोगियों की सहूलियत के लिए एम्स प्रशासन ने एक और व्यवस्था बनाई है। एम्स की ओपीडी में बैठने वाले डाक्टरों का नाम, कक्ष संख्या और दिन की जानकारी एलईडी टीवी स्क्रीन पर डिस्प्ले की जा रही है। इससे रोगियों और स्वजन को डाक्टरों की विशेषज्ञता और ओपीडी दिवस व कक्षा संख्या की आसानी से जानकारी हो रही है।
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एम्स गोरखपुर में एक्सरे कराने वाले रोगियों की सहूलियत के लिए एक और डिजिटल मशीन की खरीद की जा रही है। दो मशीन होने से जल्द से जल्द एक्सरे होगा और रोगियों का उपचार तेजी से हो सकेगा। डिस्प्ले बोर्ड से रोगियों को काफी सहूलियत मिल रही है।
-मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डा. विभा दत्ता, कार्यकारी निदेशक, एम्स गोरखपुर