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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP News: एटीएस करेगी जांच चीनी नागरिक क्यों आ रहे थे गोरखपुर, सोनौली बॉर्डर से हुए थे गिरफ्तार

    Updated: Sat, 31 Aug 2024 10:29 AM (GMT+05:30)

    नेपाल के रास्ते भारत में घुसपैठ करते समय सोनौली सीमा पर चीनी नागरिक पकड़े गए थे। आतंकवाद निरोधक दस्ता गोरखपुर अब जांच कर रहा है कि वे गोरखपुर क्यों आ ...और पढ़ें

    एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) चीनी नागरिकों की जांच कर रही है। जागरण
    एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) चीनी नागरिकों की जांच कर रही है। जागरण

    HighLights

    1. एक अगस्त को नेपाल से आते समय सोनौली में चीनी नागरिक समेत तीन पकड़े गए थे
    2. काठमांडू के व्यक्ति ने गोरखपुर पहुंचाने के लिए फौजी के बेटे को दिए थे 33 हजार
    3. एटीएस गोरखपुर यूनिट के दारोगा को मिली विवेचना, जांच में होगा साजिश का पर्दाफाश

    सतीश पांडेय, जागरण गोरखपुर। नेपाल के रास्ते में भारत में घुसपैठ करते समय सोनौली सीमा पर पकड़े गए चीनी नागरिक गोरखपुर क्यों आ रहे थे, इसकी जांच एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) गोरखपुर करेगी। एक अगस्त को महराजगंज जिले के सोनौली में थाने में दर्ज मुकदमे से जुड़े सभी दस्तावेज को विवेचना कर रहे एटीएस के दारोगा को सौंप दिए गए हैं। जांच में बड़ी साजिश का पर्दाफाश हो सकता है।

    एक अगस्त, 2024 को नेपाल से आ रहे दो चीनी नागरिकों समेत तीन लोगों को एसएसबी व खुफिया एजेंसी की टीम ने चेकिंग के दौरान सोनौली में पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि पिछले 20 वर्ष से काठमांडू में रहने वाले तिब्बती नागरिक लबसंग शेरिंग के पिता भारतीय सेना में सैनिक थे।

    लबसंग अपने साथ चीनी नागरिक जू वाकयांग व यंग मेंगमेंग को गोरखपुर लेकर आ रहा था। इसके लिए काठमांडू के एक व्यक्ति ने उसे 33 हजार रुपये मिले थे। खुफिया एजेंसी व एसएसबी की टीम ने भाषा विशेषज्ञ की मदद से जब दोनों चीनी नागरिकों से भारत आने की वजह पूछा तो गुमराह करने के लिए उन्होंने बताया कि जड़ी-बूटी के पौधे की तलाश में वह घुसपैठ कर रहे थे।

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    चीनी नागरिकों के पास से भारतीय नागरिकता से संबंधित फर्जी दस्तावेज मिलने के बाद खुफिया एजेंसी के अधिकारियों ने दोनों की गतिविधि को संदिग्ध बताते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने की सिफारिश की थी। एसपी महराजगंज सोमेंद्र मीणा ने भी अभिसूचना (मुख्यालय) के अधिकारियों को पूछताछ की आख्या भेजी थी। इसके बाद पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने इस मामले की विवेचना एटीएस को सौंप दी।

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    पूरे नेटवर्क की छानबीन करेगी एटीएस :

    काठमांडू में लबसंग शेरिंग को 33 हजार रुपये किसने दिए। गोरखपुर पहुचंने के बाद चीनी नागरिक किसके साथ और कहां जाते इन सवालों का जवाब अब एटीएस ढूंढेगी। लबसंग शेरिंग हिमाचल के अलावा दिल्ली,मणिपुर समेत पूर्वाेत्तर के कई राज्य में भी रह चुका है।

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    एसएसबी के उपनिरीक्षक ने दर्ज कराया है मुकदमा:

    एसएसबी के उपनिरीक्षक तरुण कुमार आदक की तहरीर पर सोनौली थाना पुलिस ने चीनी नागरिकों समेत तीन के विरुद्ध कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने व विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। पकड़े गए आरोपित इस समय जिला कारागार महराजगंज में बंद है।