यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UPPCL: पूर्वांचल में बिजली चोरी करने में प्रयागराज सबसे आगे, विजलेंस टीम ने मारा छापा; 1641 लोगों पर FIR
पूर्वांचल में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। सितंबर महीने में चलाए गए अभियान के दौरान 1641 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। लगभग 4478 ...और पढ़ें

HighLights
- सबसे बड़ी चोरी प्रयागराज में 42 व मऊ में 37 किलोवाट की
- सिर्फ सितंबर माह में ही प्रवर्तन दल ने पकड़े इतने मामले
जागरण संवाददाता, वाराणसी। इस बार भीषण गर्मी में बिजली व्यवस्था सुचारू रखने में पूरे महकमे की तैयारी फ्यूज हो गई थी। अब बिजली लोड कम होने के बाद स्थिति कुछ सामान्य होने लगी है। इसके साथ ही अब बिजली विभाग का जोर चोरी रोकने व राजस्व स्कूली बढ़ाने पर है।
इसी के तहत सितंबर माह में पूर्वांचल में चलाए गए अभियान के दौरान बिजली चोरी मामले में 1641 लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराया गया है। लगभग 4478 किलोवाट से अधिक की बिजली चोरी पकड़ी गई है। वाराणसी में लगभग 92 मामले दर्ज किए गए हैं। सबसे बड़ी बिजली चोरी प्रयागराज में 42 किलोवाट और मऊ में 37 किलोवाट की पकड़ी गई।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधीन 21 जिले आते हैं। विजिलेंस के अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर ने बताया कि सितंबर माह में बिजली विभाग व प्रवर्तन दल ने 2023 छापेमारी की। इस दौरान 1327 घरेलू बिजली चोरी पकड़ी गई।
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वहीं वाणिज्यि में 214 व औद्योगिक 20 चोरी पकड़ी गई। वहीं एलएमवी-9 विधा में 58.311 किलोवाट बिजली चोरी करने वाले 35 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
सबसे अधिक बिजली चोरी प्रयागराज, गोरखपुर व वाराणसी में
समर बहादुर ने बताया कि सबसे अधिक चोरी प्रयागराज, गोरखपुर व वाराणसी में पकड़ी गई है। प्रयागराज में 180, गोरखपुर में 106 व वाराणसी में 92 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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प्रयागराज में दरवाजा पेस्टिंग करने वाले के यहां जबकि मऊ में डेरी चलाने वाले के यहां बिजली चोरी पकड़ी गई। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।