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    महुआचाफी हत्याकांड: नीट छात्र के हत्यारे पशु तस्कर को बिहार से दबोचा, पिकअप भी बरामद

    Updated: Fri, 10 Apr 2026 10:16 AM (IST)

    गोरखपुर में नीट छात्र दीपक गुप्ता हत्याकांड में एसटीएफ ने बिहार से शिवम तिवारी नामक एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। वारदात में प्रयुक्त पिकअप वाहन भ ...और पढ़ें

    दीपक गुप्ता हत्याकांड का आरोपित पशु तस्कर शिवम तिवारी - सौ. एसटीएफ मीडिया सेल

    दीपक गुप्ता हत्याकांड का आरोपित पशु तस्कर शिवम तिवारी - सौ. एसटीएफ मीडिया सेल

    HighLights

    1. एसटीएफ ने नीट छात्र दीपक गुप्ता के हत्यारे को पकड़ा।

    2. बिहार से आरोपित शिवम तिवारी पिकअप वाहन सहित गिरफ्तार।

    3. पशु तस्करी का विरोध करने पर हुई थी दीपक की हत्या।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। नीट की तैयारी कर रहे छात्र दीपक गुप्ता की हत्या के मामले में एसटीएफ ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक और आरोपित को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान शिवम तिवारी (23 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के धनहा थाना क्षेत्र के ग्राम तुनियहवां का रहने वाला है।

    उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल पिकअप वाहन भी बरामद किया है। इसी पिकअप से पिपराइच के महुआचाफी गांव में दीपक गुप्ता का अपहरण किया गया था और बाद में उसकी हत्या कर शव को मेडिकल कालेज रोड पर फेंक दिया गया था। गुरुवार को दोपहर बाद आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया।

    जांच में सामने आया है कि घटना के बाद मामला शांत पड़ने पर शिवम तिवारी पिकअप वाहन की पहचान मिटाने के प्रयास में जुट गया था। बुधवार को पिकअप लेकर धनहा (बिहार) में ही एक मिस्त्री के पास डेंटिंग-पेंटिंग कराने ले गया था, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।

    इसी दौरान गोरखपुर एसटीएफ की टीम ने सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक कर बगहा (बिहार)के अंश बेल्डिंग वर्कशाप तिवारी टोला मोड के पास पिकअप समेत दबोच लिया।

    एसटीएफ की पूछताछ में आरोपित ने बताया कि 15 सितंबर 2025 की रात शिवम तिवारी, कुशीनगर के कुख्यात तस्कर जवाहिर और अन्य साथियों के साथ महुआचाफी इलाके में पशु तस्करी के इरादे से पहुंचा था। इसी दौरान छात्र दीपक गुप्ता ने विरोध किया, जिस पर आरोपितों ने उसे जबरन पिकअप में अगवा कर लिया और बाद में उसकी हत्या कर दी।

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    घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया था। ग्रामीणों ने तस्करों की घेराबंदी भी की थी, जिसमें एक आरोपित पकड़ा गया था, जिसकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि एसटीएफ ने वांछित चल रहे एक आरोपित को पकड़ा है।

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    जवाहिर गिरोह से जुड़कर बना अपराधी
    एसटीएफ की माने तो शिवम तिवारी पहले एक सामान्य जनरल स्टोर चलाता था, लेकिन जल्दी पैसे कमाने की लालच में वह अपराध की दुनिया में उतर गया। इसी दौरान उसका संपर्क कुशीनगर के कुख्यात तस्कर जवाहिर यादव और राजीव गिरोह से हुआ, जिसके बाद वह पशु तस्करी के नेटवर्क का सक्रिय सदस्य बन गया। पिपराइच के अलावा कुशीनगर जिले के पड़रौना कोतवाली थाना में भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज है। एसटीएफ को घटना के बाद से ही उसकी तलाश थी।

    गिरोह में 20-25 तस्कर सक्रिय संलिप्तता
    एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे तस्करी नेटवर्क में करीब 20 से 25 लोगों की संलिप्तता है। अब तक दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं, जबकि कई गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके बावजूद आधा दर्जन से अधिक आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। इस मामले में एसटीएफ पहले ही छोटू, रामलाल, राजू और रहीम के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। शेष आरोपितों के विरुद्ध साक्ष्य जुटा रही है।

    यह है मामला
    15 सितंबर 2025 की रात पिपराइच के महुआचाफी गांव में पशु तस्करों ने नीट की तैयारी कर रहे छात्र दीपक गुप्ता को पिकअप से धक्का देकर गिराया और अगवा कर लिया। बाद में उसकी हत्या कर शव मेडिकल कालेज रोड पर फेंक दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए विवेचना एसटीएफ को सौंपी गई, जिसने जांच में पशु तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया। अब लगातार गिरफ्तारियों और बरामदगी के जरिए इस नेटवर्क की कड़ियां खोली जा रही हैं।