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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    देवरिया नरसंहार से गोरखपुर प्रशासन ने लिया सबक! डीएम ने तलब की भूमि विवाद के पुराने एवं गंभीर मामलों की सूची

    By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
    Updated: Fri, 06 Oct 2023 08:46 AM (IST)

    देवरिया जिले में जमीनी विवाद को लेकर छह लोगों की हत्या के बाद जागरण ने गोरखपुर में लंबे समय से चल रहे भूमि विवादों की पड़ताल कर खबर प्रकाशित की। जिसका ...और पढ़ें

    देवरिया नरसंहार से गोरखपुर प्रशासन ने लिया सबक!
    देवरिया नरसंहार से गोरखपुर प्रशासन ने लिया सबक!

    HighLights

    1. तहसील से निस्तारित मामलों की सूची 15 दिन में प्रस्तुत करनी होगी
    2. डीएम ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को भूमि विवाद के मामलों के निस्तारण को दिए निर्देश

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। भूमि विवाद से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। दैनिक जागरण में निस्तारण के नाम पर औपचारिकता पूरी करने से जुड़ी खबर पांच अक्टूबर के अंक में प्रकाशित होने के बाद डीएम कृष्णा करुणेश ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों से भूमि विवाद के पुराने एवं गंभीर मामलों की सूची तलब की है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने का निर्देश दिया है। गंभीर मामलों में निस्तारण आख्या पर गांव के दो व्यक्तियों का फीडबैक लेना होगा। इसके बाद एसडीएम को आख्या देनी होगी।

    एसडीएम एवं तहसीलदारों को पत्र लिखकर विवाद सुलझाने को दिए गए निर्देश

    भूमि विवाद के मामले में देवरिया में छह लोगों की हत्या के बाद दैनिक जागरण ने एंटी भू माफिया संदर्भ के निस्तारित प्रकरणों की पड़ताल कर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेकर डीएम ने गुरुवार को सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को पत्र लिखकर भूमि विवाद के मामलों के निस्तारण को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को भूमि विवाद से संबंधित पुराने एवं गंभीर प्रकरणों की सूची एक सप्ताह में तैयार कराने को कहा है।

    ये ऐसे मामले होंगे, जिनमें विभिन्न स्तर पर शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं। डीएम ने सभी मामलों में विलंब होने के वास्तविक कारण पता लगाने को भी कहा है। तहसील स्तर से तैयार सूची में शामिल हर प्रकरण के संबंध में राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम तैयार कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाएगा। तहसील के एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार द्वारा निस्तारित प्रकरणों को रैंडम आधार पर सत्यापन किया जाएगा। तहसील से निस्तारित प्रकरणों की सूची 15 दिन के भीतर डीएम कार्यालय को भेजनी होगी।

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    कोर्ट में लंबित पुराने वाद किए जाएंगे निस्तारित

    एसडीएम एवं तहसीलदार कोर्ट में लंबित राजस्व के पुराने मामलों को समय से निस्तारित करने का निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिया है। धारा 24 यानी पैमाइश, धारा 34 यानी दाखिल-खारिज एवं धारा 80 यानी भू उपयोग परिवर्तन से जुड़े प्रकरणों को समय से निस्तारित करने का निर्देश दिया गया है।

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    क्या कहते हैं जिलाधिकारी

    जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने कहा कि जिले में भूमि विवाद से जुड़े पुराने एवं गंभीर मामलों की सूची बनाने का निर्देश सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को दिया गया है। एक सप्ताह में सूची बनाकर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम भी बनाई जाएगी। निस्तारण गुणवत्तापूर्ण है या नहीं यह जानने के लिए गांव के दो संभ्रांत व्यक्तियों से फीडबैक लेकर निस्तारण आख्या में शामिल करना होगा।