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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    यूपी के इस शहर में रिंग रोड बनने का विरोध कर रहे काश्‍तकार, बोले- फ्री में नहीं देंगे जमीन, जाएंगे कोर्ट

    Updated: Thu, 02 May 2024 07:57 AM (IST)

    Gorakhpur Ring Road पिछले सप्ताह प्राधिकरण की ओर से जैसे ही संबंधित क्षेत्र में सड़क का निर्माण शुरू कराया गया था काश्तकारों ने विरोध शुरू कर दिया था। ...और पढ़ें

    रिंग रोड को लेकर काश्तकारों ने सौंपा ज्ञापन।
    रिंग रोड को लेकर काश्तकारों ने सौंपा ज्ञापन।

    HighLights

    1. काश्तकारों का दावा, रामगढ़ताल किनारे उनकी जमीन पर रिंग रोड बनाना चाहता है जीडीए
    2. बोले- वे सड़क के विरोधी नहीं लेकिन, मुआवजा नहीं मिला तो न्यायालय की शरण में जाएंगे

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। Gorakhpur Ring Road रामगढ़ताल किनारे सहारा एस्टेट से मोहद्दीपुर स्थित स्मार्ट व्हील तक प्रस्तावित रिंग रोड को लेकर महादेव झारखंड के 20 से अधिक काश्तकारों ने बुधवार को जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। उनका आरोप है कि रिंग रोड, उनकी जमीन पर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

    ऐसे में प्राधिकरण सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार उन्हें उनकी जमीन का मुआवजा दे या फिर ताल की तरफ गिट्टी डालकर सड़क बनाए। उपाध्यक्ष ने उन्हें आश्वस्त किया है कि जो भी कार्य होंगे, वह नियमानुसार ही होगा। किसी का हित नहीं प्रभावित होने दिया जाएगा।

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    पिछले सप्ताह प्राधिकरण की ओर से जैसे ही संबंधित क्षेत्र में सड़क का निर्माण शुरू कराया गया था, काश्तकारों ने विरोध शुरू कर दिया था। तब से काम बंद है। जीडीए के अधिकारियों ने सभी को दो दिन के भीतर जमीन से जुड़े अपने राजस्व अभिलेख प्रस्तुत करने की मोहलत दी थी।

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    साथ ही चेताया था कि अभिलेख नहीं प्रस्तुत कर पाने की दशा में प्राधिकरण काम शुरू कराएगा और विरोध करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इसी के बाद काश्तकार जीडीए उपाध्यक्ष से मिलकर ज्ञापन देने पहुंचे थे। उनका दावा था कि रामगढ़ ताल के किनारे प्रस्तावित सड़क महादेव झारखंडी स्थित उनकी जमीन पर बनाने की तैयारी है।

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    उन्होंने कहा कि जब भी उनकी जमीन की पैमाइश हुई है। हर बार जमीन बंधे और ताल में निकली है। ऐसे में साफ है कि सड़क, उन्हीं की जमीन पर बनाने की तैयारी है और उन्हें मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि वह विकास के विरोधी नही हैं। सड़क बने लेकिन उन्हें उनकी जमीन का मुआवजा भी दिया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो वे कोर्ट जाएंगे।