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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Cyber Crime: साइबर ठगों के जाल में फंसे पूर्व आयकर अधिकारी, एक गलती से लग गया 47.86 लाख का चूना

    Updated: Sat, 19 Apr 2025 02:31 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक हैरान करने वाला सामने आया है। यहां एक पूर्व आयकर अधिकारी को जालसाजों ने ऐसा चूना लगाया कि किसी को विश्वास नहीं हो रहा ह ...और पढ़ें

    पूर्व आयकर अधिकारी से 47.86 लाख की ठगी। जागरण
    पूर्व आयकर अधिकारी से 47.86 लाख की ठगी। जागरण

    HighLights

    1. बिटक्वाइन में निवेश के नाम पर की जालसाजी, इंग्लैंड से आया था फोन
    2. एप और जूम मीटिंग के जरिये 26 बार में खाते में ट्रांसफर कराए रुपये

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। 10 हजार लगाइए और लाखों पाइए। फेसबुक पर दिखे इस लुभावने विज्ञापन ने एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी को ऐसे जाल में फंसाया कि उन्होंने 47.86 लाख रुपये गंवा दिए। साइबर ठगी का यह मामला इसलिए और चौंकाने वाला है, क्योंकि शिकार कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि आयकर विभाग के पूर्व संयुक्त आयुक्त हैं। साइबर थाना पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।

    शाहपुर के बशारतपुर में रहने वाले संत प्रकाश वर्तमान में गाजियाबाद के गैस गोदाम लेन गोला विस्ता में रहते हैं। साइबर थाने में उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया है जिसमें लिखा है कि सात नवंबर, 2024 को फेसबुक पर उन्हें एक विज्ञापन दिखाई दिया जिसमें बिटक्वाइन में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। जिज्ञासावश उन्होंने एक आनलाइन फार्म भर दिया।

    इसके कुछ समय बाद ही इंग्लैंड के नंबरों से काल आने लगीं। काल करने वालों ने खुद को "इंटरनेशनल क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट कंपनी" का प्रतिनिधि बताया और भरोसा दिलाया कि वे एक सुरक्षित निवेश योजना चला रहे हैं। इसके बाद एक एप का लिंक भेजा गया, जिससे उन्होंने बिटक्वाइन के नाम पर निवेश करना शुरू कर दिया।

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    साइबर क्राइम। जागरण


    उन्हें नियमित रूप से जूम मीटिंग्स में जोड़ा गया, जहां कंपनी के सदस्य उन्हें ट्रेडिंग के ग्राफ, आंकड़े और "रियल टाइम मुनाफा" दिखाते थे। इस माहौल में उन्हें यह विश्वास हो गया कि उनका पैसा दोगुणा-तीन गुणा होने वाला है। इसी उम्मीद में उन्होंने 16 नवंबर, 2024 से लेकर पांच फरवरी, 2025 तक 26 बार में अलग-अलग खातों से कुल 49.86 लाख रुपये भेज दिए।

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    शुरुआत में कुछ लाभ दिखाया गया, जिससे उनका विश्वास और गहरा हुआ। लेकिन, जब उन्होंने रिफंड या लाभ निकालने की कोशिश की, तो ना कोई काल रिसीव हुई, ना ही एप पर कोई प्रतिक्रिया मिली। कंपनी के सारे प्रतिनिधियों ने अपना मोबाइल फोन नंबर बंद कर लिया। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।

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    जालसाजी से कैसे बचे :

    • इंटरनेट मीडिया पर दिखने वाले निवेश के विज्ञापनों से सावधान रहें।
    • कभी भी अज्ञात लिंक या एप डाउनलोड न करें।
    • ज़्यादा रिटर्न का वादा करने वाले निवेश प्रलोभनों से दूर रहें।
    • किसी भी विदेशी नंबर से आए काल पर वित्तीय लेनदेन न करें।
    • किसी योजना में पैसा लगाने से पहले स्थानीय अथवा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एजेंसी से पुष्टि करें।