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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Khorabar Township: गोरखपुर में खोराबार टाउनशिप से बेघर हुए लोगों मिली बड़ी राहत, अब GDA देगा फ्लैट

    Updated: Sat, 27 Jul 2024 07:55 AM (IST)

    जीडीए की ओर से खोराबार क्षेत्र में 184 एकड़ में खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना लांच की गई है। विभिन्न श्रेणी के भूखंडों एवं फ्लैटों के लिए प्राधिक ...और पढ़ें

    खोराबार टाउनशिप के लिए पूर्व में अधिग्रहित की गई जमीन पर मकान बनाकर रह रहे लोगों का पुनर्वास करेगा GDA।
    खोराबार टाउनशिप के लिए पूर्व में अधिग्रहित की गई जमीन पर मकान बनाकर रह रहे लोगों का पुनर्वास करेगा GDA।

    HighLights

    1. पाम पैराडाइज समूह आवास परियोजना में एलआईजी, ईडब्लूएस आवासों के आवंटन में मिलेगी वरीयता
    2. प्रभावित लोगों के लिए ईडब्लूएस श्रेणी के 30 व एलआइजी श्रेणी के 10 फ्लैट किए गए हैं आरक्षित

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए), खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी परियोजना के लिए पूर्व में अधिग्रहित की गई जमीन पर मकान बना कर रह रहे लोगों का पुनर्वास करेगा।

    प्राधिकरण, ऐसे प्रभावित लोगों को रामगढ़ताल क्षेत्र स्थित पाम पैराडाइज परियोजना में स्वीकृत समूह आवास परियोजना के तहत बन रहे ईडब्ल्यूएस एवं एलआइजी श्रेणी के फ्लैट आवंटन में वरीयता देगा। इसके लिए ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 30 और एलआइजी के 10 फ्लैट आरक्षित किए गए। गुरुवार को हुई प्राधिकरण बोर्ड की 126वीं बैठक में इस प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है।

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    जंगल सिकरी उर्फ खोराबार और खोराबार उर्फ सूबा बाजार राजस्व ग्राम में खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी परियोजना के ले-आउट अंतर्गत प्राधिकरण की अर्जित की गई भूमि में कुछ भवन पूर्व से बने हुए हैं। इन भवनों में लोग रह रहे हैं, जिसकी वजह से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में इन भवनों को हटाया जाना जरूरी है। बोर्ड बैठक में ऐसे परिवारों के पुनर्वास के लिए 30 ईडब्ल्यूएस और 10 एलआइजी भवनों को वरीयता के आधार पर देने का निर्णय किया गया है।

    जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने कहा कि खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी परियोजना में कुछ ऐसे मकान थे जिनमें लोग निवास कर रहे थे। लेकिन, ये सभी दूर दूर बने हैं। ऐसे भवनों को चिन्हित किया गया था। इनका पुनर्वास किया जाना है जिसके लिए पाम पैराडाइज परियोजना में वरीयता के आधार पर संबंधित को एलआइजी और ईडब्लूएस के फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे।

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