गोरखपुर में गीडा करेगा 50 एकड़ भूमि का अधिग्रहण, लुलु मॉल समेत कई परियोजनाएं संभव
गीडा गोरखपुर के कालेसर और माही गांवों में 50 एकड़ भूमि अधिग्रहण की तैयारी कर रहा है। यह भूमि औद्योगिक और व्यावसायिक विकास, जिसमें लुलु मॉल जैसी परियोज ...और पढ़ें

गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण। जागरण
HighLights
गीडा कालेसर और माही में 50 एकड़ भूमि अधिग्रहित करेगा।
औद्योगिक-व्यावसायिक विकास हेतु भूमि अधिग्रहण, लुलु मॉल भी संभावित।
प्रभावित किसानों के लिए सामाजिक-आर्थिक सर्वे और उचित मुआवजा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) द्वारा कालेसर और माही गांवों में 50 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित योजना के तहत कालेसर गांव में 46 एकड़ तथा माही गांव में 4 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले जिला प्रशासन द्वारा सामाजिक और आर्थिक सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे का उद्देश्य यह आकलन करना है कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित होने वाले किसानों और परिवारों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा अधिग्रहण की औपचारिकता को लेकर सोशल इंपैक्ट एसेसमेंट के लिए विज्ञापन निकाला गया है। कालेसर और माही ग्राम सभा शहर से सटे हैं, ऐसे में यहां औद्योगिक के साथ ही व्यावसायिक योजना के लिए जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है। यहां लुलु माल से लेकर अन्य प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठानों के निवेश की संभावना है। कालेसर में पहले से ही आवासीय योजना लांच हो चुकी है।
प्रशासन के अनुसार, सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी, ताकि प्रभावित किसानों के हितों की अनदेखी न हो और उन्हें नियमानुसार मुआवजा एवं पुनर्वास की सुविधा मिल सके। प्रस्तावित अधिग्रहण से कालेसर और माही गांवों के 200 से अधिक किसान प्रभावित होंगे।
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इन किसानों की आजीविका का प्रमुख साधन कृषि है, ऐसे में भूमि अधिग्रहण को लेकर गांवों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ किसान औद्योगिक विकास से क्षेत्र में रोजगार बढ़ने की उम्मीद जता रहे हैं, वहीं कई किसान अपनी उपजाऊ जमीन जाने को लेकर चिंतित हैं।
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प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और प्रभावित किसानों से संवाद स्थापित किया जाएगा। सर्वे के दौरान किसानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, भूमि पर निर्भरता और परिवार की आय से जुड़े पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद ही अधिग्रहण की शर्तें तय की जाएंगी।
कोट
गीडा का लैंड बैंक काफी बेहतर हो गया है। इसको और बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में विभिन्न गांवों में भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। सहजनवा के दो गांव में प्रशासन द्वारा सोशल इंपैक्ट एसेसमेंट कराया जाना है।
राम प्रकाश, एसीईओ, गीडा