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गोरखपुर के गोड़धोइया नाला में बहना है साफ पानी, गिरा रहे गंदगी

Published: Fri, 06 Nov 2026 01:45 PM (IST)

गोरखपुर के गोड़धोइया नाले में सेप्टिक टैंकों और अन्य कचरे को अवैध रूप से गिराया जा रहा है, जिससे नाले ...और पढ़ें

दुर्गेश त्रिपाठी, गोरखपुर। वर्षा का पानी 17 वार्डों से होते हुए रामगढ़ताल में पहुंचाने के लिए बनाया गया गोड़धोइया नाला में गंदगी गिराई जाने लगी है। सेप्टिक टैंकों से निकाली गई गंदगी टैंकरों के माध्यम से नाले में गिराई जा रही है। टैंकर चालक दिनदहाड़े नाला को गंदा कर रहे हैं। दैनिक जागरण की पड़ताल में जेल बाईपास पर टैंकर की गंदगी नाले में गिराने की पुष्टि हुई।

मनमानी का आलम यह है कि वीडियो बनाने और गंदगी नाला में गिराने के कारण होने वाले नुकसान की जानकारी देने के बाद भी टैंकर से पूरी गंदगी गिराने के बाद ही चालक माना। गंदगी के कारण गोड़धोइया नाला का पानी काफी देर तक काला रहा। यह पानी रामगढ़ताल में चला गया।

बाबा राघवदास मेडिकल कालेज के पीछे से 17 वार्डों से होते हुए रामगढ़ताल तक बने गोड़धोइया नाला में सिर्फ वर्षा का ही पानी जाना है। नौ मीटर चौड़े नाले को इस तरह बनाया गया है कि बाहर का पानी इसमें नहीं आ सकता। नाला के दोनों तरफ सीवर लाइन बिछाई गई है। घरों से निकला गंदा पानी सीवर लाइन से होते हुए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में जाएगा। लेकिन कुछ लोग नाला को गंदा करने पर तुले हुए हैं।

नाला की दीवार तोड़ गिरा रहे गंदा पानी
जेल बाईपास पर ही इंडियन आयल के पेट्रोल पंप के बगल से गुजरे नाला की एक तरफ की दीवार तोड़ दी गई है। इस दीवार के रास्ते गंदा पानी नाले में गिराया जा रहा है। लोगों का कहना है कि जल निगम ने नाला तो बना दिया लेकिन पानी निकलने की कोई जगह नहीं बनाई गई है। इस कारण दीवार तोड़ी गई है।

कूड़ा भी सीधे फेंक रहे हैं नाला में
गोड़धोइया नाला के आसपास के मकानों से निकलने वाला कूड़ा भी सीधे नाला में फेंका जा रहा है। जेल बाईपास पर तो कई व्यापारी दुकानों से निकला कूड़ा नाला में ही फेंक रहे हैं। नाला के ऊपर मीट की दुकान खोलने वाले जानवरों का अपशिष्ट और खून भी सीधे गिरा रहे हैं। नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि नाला के ऊपर और अगल-बगल खुली मीट की दुकानों से अपशिष्ट व खून गिराने की जानकारी के बाद भी कोई कुछ नहीं कर रहा है।

यहां यह कार्रवाई, गोरखपुर में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं अधिकारी

  • दिल्ली हाई कोर्ट ने तैमूर नगर नाले में कचरा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है और एमसीडी को जुर्माना की राशि पांच हजार तक करने को कहा है।
  • रायगढ़ में नालों में कचरा डालने पर 10 हजार रुपये जुर्माना लिया जाता है।
  • इंदौर में गंदगी फैलाने पर तीन महीने की सजा या पांच सौ रुपये जुर्माने का प्रविधान है।
  • गाजियाबाद और फिरोजाबाद में नालों में कूड़ा डालने वालों के खिलाफ नोटिस जारी कर जुर्माना वसूला जाता है।
  • हरिद्वार और भीवाडी में नालों या नहरों में गंदे पानी/कचरा डालने पर विभागीय कार्यवाही तथा जेल की सजा का प्रविधान है।

सहारा एस्टेट के पास स्थापित है स्लज क्लीनिंग मशीन
नगर निगम ने सेप्टिक टैंकों से निकली गंदगी को साफ करने के लिए 6.50 करोड़ रुपये से डी-वाटरिंग फीकल स्लज सेफ्टी मशीन खरीदी है। इस मशीन को सहारा एस्टेट के पास स्थापित किया गया है। यहां टैंकरों से गंदगी ले जाई जाती है। यह सुविधा निश्शुल्क है लेकिन निजी आपरेटर मनमानी कर रहे हैं। नगर निगम ने निजी टैंकर चालकों के पंजीकरण का अभियान चलाया था लेकिन अब भी बिना पंजीकरण ज्यादा टैंकर चल रहे हैं।

लिखा है मोबाइल नंबर
जिस टैंकर से नाला में गिराई गई गंदगी, उस पर लिखा मोबाइल नंबर- 9794224410

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यदि सीवर टैंकर नगर निगम में पंजीकृत है तो उसके खिलाफ 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। बाहर का होगा तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

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-रघुवेन्द्र कुमार, जलकल महाप्रबंधक

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