गोरखपुर के रेलवे स्टेशन पर 5.08 करोड़ की चरस बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार; बिहार से पंजाब जा रहे थे स्मगलर
डीआरआइ ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर अमरनाथ एक्सप्रेस से 5.88 करोड़ रुपये की चरस के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार ...और पढ़ें

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HighLights
डीआरआइ ने गोरखपुर में 5.88 करोड़ की चरस पकड़ी।
अमरनाथ एक्सप्रेस से तीन तस्कर गिरफ्तार, बिहार-पंजाब रूट पर कार्रवाई।
बरामद चरस नेपाल मूल की, संगठित तस्करी नेटवर्क पर सवाल।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) की टीम ने विशिष्ट सूचना पर गुरुवार देर रात गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर अमरनाथ एक्सप्रेस से चरस की तस्करी कर रहे तीन यात्रियों को गिरफ्तार किया। इनमें दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं।
डीआरआइ के अनुसार, दोनों महिलाओं के पास से 11 पैकेट में कुल 5.88 किलोग्राम काला पदार्थ बरामद हुआ। जांच में वह पदार्थ चरस पाया गया। इसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5.88 करोड़ रुपये है।
डीआरआइ के मुताबिक, उन्हें सूचना मिली थी कि गुवाहाटी से जम्मू जाने वाले अमरनाथ एक्सप्रेस में बिहार के सुगौली से तीन तस्कर सवार हुए है। जो अवैध रूप से मादक पदार्थ लेकर पंजाब के लुधियाना जा रहे है। सूचना के आधार पर डीआरआइ की टीम रेलवे स्टेशन पर सक्रिय हुई और ट्रेन के आने का इंतजार करने लगी।
शाम साढ़े चार से पांच के बीच में रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने पर टीम कोच में पहुंची और आशंका होने पर दो महिला और एक पुरूष को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान महिलाओं के जांघों के चारों ओर घुटने के कैप में लपेटकर और साड़ी के भीतर छिपाई गई चरस बरामद की गई।
बरामद मादक पदार्थ को एनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्त कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपितों की पहचान बिहार के पूर्वी चंपारण निवासी रूमा देवी, मिश्र कुमार और उसकी पत्नी संगीता कुमारी के रूप में हुई है। शुक्रवार को डीआरआइ ने तीनों पर मुकदमा दर्ज करते हुए न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया।
तस्करी नेटवर्क की सक्रियता ने बढ़ाई चिंता
नेपाल मूल की चरस की इतनी बड़ी खेप का बिहार से गोरखपुर होते हुए पंजाब तक पहुंचना संगठित तस्करी नेटवर्क की सक्रियता की ओर संकेत करता है। सवाल यह है कि खेप किसके इशारे पर लाई गई और इसे पंजाब में किसे सौंपा जाना था। जांच एजेंसियां अब तस्करों के संपर्कों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास करेंगी।
स्टेशन की निगरानी पर उठे सवाल
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के लिए जीआरपी थाना है। जीआरपी दावा करता है कि वह 24 घंटे स्टेशन आने वाले यात्रियों और ट्रेनों में संदिग्धों की जांच करती है। इसके बावजूद डीआरआइ को विशिष्ट सूचना के आधार पर कार्रवाई करनी पड़ी।
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अगर डीआरआइ की टीम को सूचना नहीं मिलती और वह कार्रवाई नहीं करती तो इतनी बड़ी खेप के साथ तीन यात्रियों का अमरनाथ एक्सप्रेस से स्टेशन पर पहुंचना आगे बढ़ना सुरक्षा व्यवस्था के साथ जीआरपी के दावे पर सवाल खड़ा कर देता।
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