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    गोरखपुर में गैस सिलिंडर के लिए रात भर सड़क पर सोए लोग, एजेंसी पर लगी लंबी कतार

    Updated: Tue, 24 Mar 2026 06:24 AM (IST)

    गोरखपुर के पिपराइच में उजाला भारत गैस एजेंसी पर सोमवार रात से ही सिलेंडरों के लिए लंबी लाइन लग गई। साप्ताहिक बंदी के कारण सोमवार को वितरण नहीं हुआ, जि ...और पढ़ें

    पिपराइच में रसोई गैस सिलिंडर के लिए सोमवार रात 10:30 बजे लगी लाइन। जागरण

    पिपराइच में रसोई गैस सिलिंडर के लिए सोमवार रात 10:30 बजे लगी लाइन। जागरण

    HighLights

    1. पिपराइच गैस एजेंसी पर सिलिंडर के लिए रात भर लाइन।

    2. साप्ताहिक बंदी के कारण सोमवार को वितरण नहीं हुआ।

    3. 80 वर्षीय बुजुर्ग समेत कई लोग रात भर इंतजार में।

    संवाद सूत्र, पिपराइच, (गोरखपुर)। नगर पंचायत पिपराइच स्थित उजाला भारत गैस एजेंसी के सामने सोमवार रात से फिर सिलिंडर के लिए लाइन लग गई। सोमवार को साप्ताहिक बंदी होने के कारण एजेंसी से एक भी सिलिंडर का वितरण नहीं किया। इस कारण मंगलवार को सिलिंडर के लिए मारामारी होनी तय है। जिले की अन्य गैस एजेंसियों पर भी मंगलवार को सिलिंडर लेने के लिए ग्राहक बड़ी संख्या में पहुंचेंगे।

    ग्राहकों को उम्मीद थी कि रसोई गैस संकट के कारण सोमवार को साप्ताहिक बंदी में भी सिलिंडर का वितरण किया जाएगा। इस कारण कई लोग सिलिंडर लेकर पहुंच गए थे। पता चला कि अब वितरण मंगलवार को होगा। इसके बाद कुछ लोग तो वापस लौट गए लेकिन ज्यादातर मंगलवार को वितरण के इंतजार में रुक गए। रात होते ही सड़क किनारे सिलिंडर को लाइन में रखना शुरू कर दिए।

    80 साल की उम्र, रात भी सड़क किनारे रहने को मजबूर
    नथुवा गांव के रामदुलारे शर्मा की उम्र 80 वर्ष है। गैस एजेंसी से सात किलोमीटर दूर उनका घर है। घर में सिलिंडर का गैस कई दिन से खत्म है। लकड़ी पर खाना पक रहा है। कई दिन से खाली हाथ लौट रहे हैं। मंगलवार को सिलिंडर मिलने की उम्मीद में सोमवार रात को ही लाइन में लग गए।

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    मच्छरों के बीच पूरी रात कैसे कटेगी के सवाल पर कहते हैं, पेट की भूख दूसरा कष्ट कहां सोचती है। पूरी रात सड़क किनारे गुजारने का दर्द तब ही दूर होगा जब भरा सिलिंडर लेकर घर जाऊंगा। सोहसा गांव के नरसिंह, सुधीर सिंह, गोलू, कस्बा निवासी रामनयन वर्मा, अनुज, सूर्य प्रकाश तिवारी, विष्णु प्रसाद ने बताया कि कई दिनों से बुकिंग कराने के बावजूद होम डिलीवरी नहीं हो रही है। ऐसे में मजबूरी में लकड़ी पर भोजन बनाना पड़ रहा है।