गोरखपुर में जीडीए का बड़ा एक्शन, पांच एकड़ अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर
गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने चिलुआताल क्षेत्र के तीन गांवों में पांच एकड़ से अधिक अवैध प्लाटिंग और निर्माण को ध्वस्त किया। जीडीए उपाध्यक्ष ने लोगों से भूमि खरीदने से पहले प्राधिकरण से स्वीकृति लेने की अपील की और आगे भी कार्रवाई जारी रखने की बात कही।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
जीडीए ने चिलुआताल में अवैध प्लाटिंग पर की कार्रवाई।
गोरखपुर के तीन गांवों में पांच एकड़ ध्वस्त हुई।
अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण के खिलाफ गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने पुलिस और प्रवर्तन दल के सहयोग से चिलुआताल थाना क्षेत्र के तीन गांवों में अभियान चलाकर करीब पांच एकड़ भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से विकसित किए जा रहे भूखंडों की सड़क, निर्माण और अन्य ढांचों को भी हटाया गया।
जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल के निर्देश पर चलाए गए अभियान का नेतृत्व प्रभारी प्रवर्तन अधिकारी ने किया। टीम ने जंगल कौड़िया, शेरपुर चमराहे और भंडारों गांव में कार्रवाई की। प्राधिकरण के अनुसार संबंधित लोगों को अवैध प्लाटिंग और निर्माण नहीं करने के निर्देश पहले भी दिए गए थे। इसके बावजूद गतिविधियां जारी रहने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
जंगल कौड़िया में दो एकड़ पर कार्रवाई
जंगल कौड़िया गांव में धर्मराज यादव और अनिरुद्ध चौधरी की ओर से करीब दो एकड़ भूमि में की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। इसके बाद शेरपुर चमराहे में दीपक कश्यप की ओर से करीब दो एकड़ भूमि पर किए गए अवैध निर्माण और प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया गया। वहीं, भण्डारों गांव में सूर्यभान यादव, हसन खान और अन्य के सहयोग से करीब एक एकड़ भूमि में की गई अवैध प्लाटिंग को हटाया गया।
अभियान में सहायक अभियंता ज्योति राय, अजय कुमार पाण्डेय, अवर अभियंता धर्मेन्द्र गौड़, शोभित कन्नौजिया समेत प्रवर्तन स्टाफ और क्षेत्रीय पुलिस बल मौजूद रहा। उपाध्यक्ष ने लोगों से अपील की कि भूमि खरीदने से पहले प्राधिकरण से लेआउट और मानचित्र की स्वीकृति की जानकारी जरूर प्राप्त करें।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि बिना मानचित्र स्वीकृति निर्माण और अवैध प्लाटिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में चिह्नांकन और कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
